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Tag: नेता

सीतामढ़ी: पहले जाति, फिर राजनीति, जातीय सम्मेलनों का दौर शुरू

सीतामढ़ी: पहले जाति, फिर राजनीति, जातीय सम्मेलनों का दौर शुरू

साल 2019 में चुनावी मौसम का आगमन होने वाला है. नेता, कार्यकर्ता व आम जनता के बीच तिगड़ी का खेल शुरू होने वाला है. जहां नेता जाति व पार्टी के बहाने वोटरों को अपने पक्ष में करने का हर संभव...

देवरिया के नारी संरक्षण गृह में वर्षों से चल रहा था यौनाचार का धंधा, धिक्कार है…

देवरिया के नारी संरक्षण गृह में वर्षों से चल रहा था यौनाचार का धंधा, धिक्कार है…

नारी संरक्षण गृहों, संप्रेक्षण गृहों और अनाथालयों में बच्चियों की दुर्दशा का ताजा अध्याय बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में भी खुला. बेसहारा और मजबूर लड़कियों के साथ प्रायोजित दुर्व्यवहार कोई नई घटना नहीं है. निकृष्टतम...

धड़ल्ले से सफेद हो रहे हैं प्रतिबंधित नोट, ज़रिया बन रहे मित्र देशों के बैंक, नोटबंदी इनके लिए नहीं

धड़ल्ले से सफेद हो रहे हैं प्रतिबंधित नोट, ज़रिया बन रहे मित्र देशों के बैंक, नोटबंदी इनके लिए नहीं

नोटबंदी के बाद प्रतिबंधित नोटों के चलन पर लगाई गई सख्ती भारत सरकार का दिखावा है. पांच सौ और हजार के प्रतिबंधित नोट्स आज भी चल रहे हैं. कुछ पड़ोसी देशों के बैंक भारत के प्रतिबंधित नोट्स अब भी जमा...

कपिल के शो में चंदन प्रभाकर की वापसी, जमकर हुआ Welcome

कपिल के शो में चंदन प्रभाकर की वापसी, जमकर हुआ Welcome

नई दिल्ली : कपिल शर्मा शो के फैंस के लिए खुशी खबर है. ‘द कपिल शर्मा शो’ पर चंदन प्रभाकर की जबरजस्त वापसी हो गई है. इतना ही नही चैनल ने इस शनिवार को दिखाए जाने वाले कार्यक्रम का प्रोमो...

भ्रष्टाचार की जांच ठेंगे पर आरोपी ने धमकाया तो क्लीन चिट दे दी

भ्रष्टाचार की जांच ठेंगे पर आरोपी ने धमकाया तो क्लीन चिट दे दी

शीर्ष अफसर के आदेश की भी यूपी में ऐसी-तैसी, भ्रष्टाचार की जांच ठेंगे पर आरोपी ने धमकाया तो क्लीन चिट दे दी : मुख्यमंत्री के ऊर्जा विभाग में अराजकता का यह हाल उत्तर प्रदेश सरकार में भारी अराजकता है. कोई किसी की...

आत्मकथा से उठता विवाद का धुआं

आत्मकथा से उठता विवाद का धुआं

गांधी-नेहरू परिवार के दशकों से क़रीबी रहे पूर्व विदेश मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस नेता नटवर सिंह की किताब-वन लाइफ इज नॉट एनफ को लेकर खासा विवाद हो गया है. दरअसल, नटवर सिंह ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि...

नहीं खत्म हुआ बरौनी खाद कारखाने का इंतजार

नहीं खत्म हुआ बरौनी खाद कारखाने का इंतजार

रेल बजट की तरह ही आम बजट ने भी बेगूसराय को निराश किया है. जिलावासियों को उम्मीद थी कि आम बजट में बेगूसराय के विकास के लिए कुछ न कुछ प्रावधान अवश्य किया जाएगा. लेकिन पिछली सरकारों की तरह मोदी...

कहां गया हमारा वोट

कहां गया हमारा वोट

हमारा वोट कहां गया साहेब? समय है कि आप पूछें उन मौलानों से जो आपकी तरफ से सोनिया गांधी और सलमान खुर्शीद व के. रहमान खान के घरों में दावतें उड़ाते थे. समय है कि आप पूछें उन मुस्लिम नेताओं...

जातीय गोलबंदी पर भारी नमो लहर

जातीय गोलबंदी पर भारी नमो लहर

सूबे में अपनी अलग पहचान रखने वाला सारण संसदीय क्षेत्र आज भी अपनी पुरानी परंपरा पर कायम है. लोक नायक जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति की मशाल लेकर सारण (छपरा) संसदीय क्षेत्र में जिस चेहरे का आविर्भाव हुआ, वह चेहरा...

मैं भी मुंह में ज़ुबान रखता हूं…

मैं भी मुंह में ज़ुबान रखता हूं…

जितने अजीब भैय्या हैं, उतने ही विचित्र उनके सवाल. वह पूछते हैं कि चुनाव के ही मौसम में नेता लोग एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में क्यों जाते हैं? अजीब सवाल है भाई! अब इस मौसम में नहीं जाएंगे, तो...

मोदी के जाल में केजरीवाल

मोदी के जाल में केजरीवाल

वाराणसी से चुनाव लड़ने का अरविंद केजरीवाल का ़फैसला उनकी पार्टी के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है. होना तो यह चाहिए था कि केजरीवाल स्वयं चुनाव मैदान में कूदने की बजाय अपने प्रत्याशियों को लड़ाने पर ज़्यादा ध्यान देते....

सांप्रदायिकता और तुष्टिकरण की सियासत

सांप्रदायिकता और तुष्टिकरण की सियासत

उत्तर प्रदेश की राजनीति को समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता बड़ी चतुराई के साथ दो दलों के बीच समेट लेना चाहते हैं. दोनों ही दलों के नेता एक-दूसरे पर हमला बोलकर बसपा-कांगे्रस को हाशिये पर ढकेल...

बांग्लादेश : गृहयुद्ध के हालात

बांग्लादेश : गृहयुद्ध के हालात

बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें 80 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. एक तरफ़ विपक्षी दल ट्रिब्यूनल के फैसले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना...

बंद हो कमोडिटी एक्सचेंज

बंद हो कमोडिटी एक्सचेंज

कमोडिटी एक्सचेंज को अर्थशास्त्री सट्टा बाज़ार मानते हैं, क्योंकि वहां लोगों की गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ किया जाता है. खिलाड़ी हैं सटोरिए, देश के कुछ तथाकथित नेता और पूंजीपति. इसलिए चौथी दुनिया का यह मानना है कि यदि कमोडिटी...

क्या इस समर्पण से शांति आएगी

क्या इस समर्पण से शांति आएगी

यूं तो पूर्वोत्तर में कार्यरत अधिकतर अलगाववादी संगठन धीरे-धीरे शांति के रास्ते पर आने के लिए तैयार हो रहे हैं और सच तो यह है कि केंद्र और राज्य सरकार इसका स्वागत भी कर रही हैं, लेकिन सवाल यह उठता...

जनता को विकल्प की तलाश है

जनता को विकल्प की तलाश है

नरेंद्र मोदी की विजय ने संघ और भारतीय जनता पार्टी में एक चुप्पी पैदा कर दी है. संघ के प्रमुख लोगों में अब यह राय बनने लगी है कि नरेंद्र मोदी को देश के नेता के रूप में लाना चाहिए,...

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

राजनीतिक दलों का रवैया गुस्सा दिलाता है

महाभारत शायद आज की सबसे बड़ी वास्तविकता है. इस महाभारत की तैयारी अलग-अलग स्थलों पर अलग तरह से होती है और लड़ाई भी अलग से लड़ी जाती है, लेकिन 2013 और 2014 का महाभारत कैसे लड़ा जाएगा, इसका अंदाज़ा कुछ-कुछ...

मोदी की जीत के मायने

मोदी की जीत के मायने

मोदी को जीतना था, क्योंकि विपक्ष ने विकल्प नहीं दिया. जीत का अंतर घटता या बढ़ता, जीतना मोदी को ही था. लेकिन जीत के साथ ही भारतीय राजनीति और ख़ासकर भाजपा के भीतर एक नई किस्म की राजनीति ज़रूर शुरू...

तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

तीसरा मोर्चा संभावनाएं और चुनौतियां

लोकसभा में एफडीआई के मुद्दे पर दो दलों ने जो किया, वह भविष्य की संभावित राजनीति का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है. शायद पहली बार मुलायम सिंह और मायावती किसी मुद्दे पर एक सी समझ रखते हुए, एक तरह...

रंगराजन समिति की सिफारिश किसान विरोधी

रंगराजन समिति की सिफारिश किसान विरोधी

पिछले दिनों राजधानी दिल्ली में गन्ना उत्पादक किसानों ने संसद का घेराव किया. आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुल्तान अहमद भी खुलकर सामने आए. देश...

राजनीति के नए सिद्धांत

राजनीति के नए सिद्धांत

भारत की राजनीति में नए सैद्धांतिक दर्शन हो रहे हैं. पता नहीं ये सैद्धांतिक दर्शन भविष्य में क्या गुल खिलाएंगे, पर इतना लगता है कि धुर राजनीतिक विरोधी भी एक साथ खड़े होने का रास्ता निकाल सकते हैं. लेकिन लोकसभा...

यह आम आदमी की पार्टी है

यह आम आदमी की पार्टी है

भारतीय राजनीति का एक शर्मनाक पहलू यह है कि देश के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों की कमान चंद परिवारों तक सीमित हो गई है. कुछ अपवाद हैं, लेकिन वे अपवाद ही हैं. अगर ऐसा ही चलता रहा तो देश के...

षडयंत्र के साये में भाजपा

षडयंत्र के साये में भाजपा

भारतीय जनता पार्टी की राजनीति को समझे बिना आने वाले समय में क्या होगा, इसका अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता. भारतीय जनता पार्टी संसद में प्रमुख विपक्षी पार्टी है और कई राज्यों में उसकी सरकारें हैं. इसके बावजूद भारतीय जनता...

भविष्य के भ्रष्टाचारियों के कुतर्क

भविष्य के भ्रष्टाचारियों के कुतर्क

बहुत चीजें पहली बार हो रही हैं. पूरा राजनीतिक तंत्र भ्रष्टाचार के समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है. पहले भ्रष्टाचार का नाम लेते थे, तो लोग अपने आगे भ्रष्टाचारी का तमगा लगते देख भयभीत होते हुए दिखाई देते थे,...

अन्ना हजारे नेता नहीं, जननेता हैं

अन्ना हजारे नेता नहीं, जननेता हैं

शायद जयप्रकाश नारायण और कुछ अंशों में विश्वनाथ प्रताप सिंह के बाद देश के किसी नेता को जनता का इतना प्यार नहीं मिला होगा, जितना अन्ना हजारे को मिला है. मुझे लगा कि अन्ना हजारे के साथ कुछ समय बिताया...

जनरल वी के सिंह और अन्‍ना हजारे की चुनौतियां

जनरल वी के सिंह और अन्‍ना हजारे की चुनौतियां

भारत में लोकतंत्र की इतनी दुर्दशा आज़ादी के बाद कभी नहीं हुई थी. संसदीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन विडंबना यह है कि आज संसदीय लोकतंत्र को चलाने वाले सारे दलों का चरित्र लगभग एक...

कांग्रेस में अपनी ढपली-अपना राग : राहुल गांधी की फिक्र किसी को नहीं

कांग्रेस में अपनी ढपली-अपना राग : राहुल गांधी की फिक्र किसी को नहीं

कांग्रेस में राहुल गांधी के भविष्य की चिंता किसी को नहीं है. अगर है, तो फिक़्र अपने-अपने मुस्तकबिल की. पार्टी में रणनीतिकार की भूमिका निभाने वाले कई नेताओं के लिए राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की बजाय एक मोहरा...

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

एक नहीं, देश को कई केजरीवाल चाहिए

साधारण पोशाक में किसी आम आदमी की तरह दुबला-पतला नज़र आने वाला शख्स, जो बगल से गुजर जाए तो शायद उस पर किसी की नज़र भी न पड़े, आज देश के करोड़ों लोगों की नज़रों में एक आशा बनकर उभरा...

यूपीए सरकार का नया कारनामा : किसान कर्ज माफी घोटाला

यूपीए सरकार का नया कारनामा : किसान कर्ज माफी घोटाला

आने वाले दिनों में यूपीए सरकार की फिर से किरकिरी होने वाली है. 52,000 करोड़ रुपये का नया घोटाला सामने आया है. इस घोटाले में ग़रीब किसानों के नाम पर पैसों की बंदरबांट हुई है. किसाऩों के ऋण मा़फ करने...

फर्रुख़ाबाद को बदनाम मत कीजिए

फर्रुख़ाबाद को बदनाम मत कीजिए

मैं अभी तक पसोपेश में था कि सलमान खुर्शीद के खिला़फ कुछ लिखना चाहिए या नहीं. मेरे लिखे को सलमान खुर्शीद या सलमान खुर्शीद की जहनियत वाले कुछ और लोग उसके सही अर्थ में शायद नहीं लें. इसलिए भी लिखने...

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