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Tag: मनरेगा

अजगर ने जकड़ी मनरेगा मजदूर की गर्दन, बाल बाल बची जान, देखें वीडियो

अजगर ने जकड़ी मनरेगा मजदूर की गर्दन, बाल बाल बची जान, देखें वीडियो

तिरुवनंतपुरम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां सफाई के दौरान एक अजगर ने सफाई कर्मचारी की गर्दन जकड़ ली. काफी मशक्कत के बाद सफाई कर्मचारीको अजगर की कैद से आजादी मिली. तब जाकर उसकी जान बच...

दिल्ली का बाबू : बाबुओं पर घोटालों की मार

दिल्ली का बाबू : बाबुओं पर घोटालों की मार

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की नियुक्ति का मसला पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है. अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है. आर एस विर्दी, जो कि इस पद की दौ़ड में शामिल थे,...

संविधान के रास्ते से भटकता देश

यह मायने नहीं रखता कि सरकार किसकी बन रही है. कोई भी सरकार सत्ता में आए, हमें संविधान में उल्लेखित सिद्धांतों पर चलना ही होगा. सरकार को गरीबों के हित में सोचना होगा. छात्रों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, महिलाओं व...

इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री

इतिहास के आईने में एक ईमानदार प्रधानमंत्री

यूपीए सरकार के दस साल पूरे होने वाले हैं. इन दस सालों में क्या हुआ? हम विकास की राह पर कहां तक पहुंचे? भारत आगे बढ़ा या पीछे छूट गया? देश की एकता व अखंडता मजबूत हुई या फिर हम...

सूचना अधिकार : बीपीएल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता कैसे आएगी?

इस अंक में हम एक ऐसी समस्या पर बात कर रहे हैं, जो सीधे-सीधे ग़रीबों के अधिकारों और विकास से जुड़ी हुई है, यानी बीपीएल सूची, जिसके आधार पर ग़रीबों को बहुत-सी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है, मसलन...

ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

जिस देश की अधिकांश आबादी ग़रीब हो, वहां यह ज़रूरी हो जाता है कि ग़रीबों से जु़डी योजनाओं को ईमानदारी से लागू किया जाए. लेकिन व्यवहार में अब तक यही देखने को मिला है कि ग़रीबों के विकास के लिए...

मनरेगा : ग्रामीण आजीविका के नाम पर सजाधजा झुनझुना! – ऊंचा शोर खुलेआम फ़र्ज़ीवाड़ा?

मनरेगा : ग्रामीण आजीविका के नाम पर सजाधजा झुनझुना! – ऊंचा शोर खुलेआम फ़र्ज़ीवाड़ा?

मनरेगा के नाम पर कहीं खुलेआम फ़र्ज़ीवाड़ा चल रहा है, तो कहीं डेढ़ सौ से अधिक बने शौचालय छह महीने भी नहीं चल पाते और अंतत: ढह जाते हैं! कहीं मस्टर रोल अपनी सहूलियत के हिसाब से भर दिया जाता...

बिहार: एसी-डीसी बिल : सीबीआई जांच की तलवार

बिहार: एसी-डीसी बिल : सीबीआई जांच की तलवार

पटना उच्च न्यायालय के बाद बिहार में एसी-डीसी बिल में 67 हज़ार करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में गूंज रहा है. आम भाषा में समझें तो यह मामला खर्च...

मनरेगा : सरकारी धन की बंदरबाट

मनरेगा : सरकारी धन की बंदरबाट

नक्सलवाद, भौगोलिक स्थिति और पिछड़ापन आदि वे कारण हैं, जो विंध्याचल मंडल को प्रदेश के विकसित हिस्सों से अलग करते हैं. मंडल के तीन ज़िलों में से एक भदोही को विकसित कहा जा सकता है, किंतु कालीन उद्योग में आई...

मनरेगा पर सियासत

मनरेगा पर सियासत

देश में आज भ्रष्टाचार सबसे ब़डा मुद्दा बना हुआ है, मगर अ़फसोस की बात यह है कि सियासी पार्टियां जनहित के बजाय पार्टी हित के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं. कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश में...

आरटीआई, मनरेगा और जॉब कार्ड

आरटीआई, मनरेगा और जॉब कार्ड

ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार पैदा करने के लिए सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा को सफल बनाने के लिए हज़ारों करो़ड रुपये खर्च करने की योजना बनाई. यह योजना गांवों तक पहुंची भी, लेकिन हर योजना की तरह मनरेगा भी...

पानी कब बनेगा चुनावी मुद्दा?

पानी कब बनेगा चुनावी मुद्दा?

देश भर में रोज़गार मुहैया कराने वाली अति महत्वाकांक्षी परियोजना मनरेगा की सफलता प्रचार माध्यमों द्वारा गाए जाने के बावजूद गांवों से पलायन थमा नहीं है. पेयजल मिशन का यशोगान इस चुनावी माहौल में पवित्र ॠचाओं से कम सात्विक नहीं...

मनरेगा का काला सच

मनरेगा का काला सच

बीते तीन सालों से तमाम आशंकाओं और अटकलों के बीच देश में ठीक-ठाक बारिश होती रही है. औसत बारिश का 78 प्रतिशत, जैसा कि विशेषज्ञ बताते हैं. दैनिक ज़रूरतों और दूसरे कामों के लिए हमें जितना पानी चाहिए, उससे दोगुनी...

मनरेगा का हिसाब-किताब

मनरेगा का हिसाब-किताब

नरेगा अब मनरेगा ज़रूर हो गई, लेकिन भ्रष्टाचार अभी भी ख़त्म नहीं हुआ. इस योजना के तहत देश के करोड़ों लोगों को रोज़गार दिया जा रहा है. गांव के ग़रीबों-मजदूरों के लिए यह योजना एक तरह संजीवनी का काम कर...

रोजगार की तलाश में पलायन जारी

रोजगार की तलाश में पलायन जारी

ग्रामीणों को 100 दिन रोज़गार उपलब्ध कराने के दावों और वादों के साथ चलाई जा रही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना को लागू हुए चार वर्ष हो गए हैं, किंतु पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है....

पूर्ण स्वच्छता अभियान और मनरेगा

पूर्ण स्वच्छता अभियान और मनरेगा

मनरेगा की उपयोगिता और इसके उद्देश्यों को लेकर कोई संदेह नहीं. यह भी सच्चाई है कि इसमें ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने की संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन अब तक का अनुभव यही बताता है कि इसके क्रियान्वयन में सुधार की...

मनरेगा : का़फी गुंजाइश है सुधार की

मनरेगा : का़फी गुंजाइश है सुधार की

मनरेगा के तहत काम के दौरान मज़दूरों को मिलने वाली सुविधाएं संदेह के घेरे में हैं. योजना में इन सुविधाओं से संबंधित स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इनका कहां तक पालन किया जाता है, यह संदेहास्पद है. योजना...

मनरेगा : अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय हो

मनरेगा : अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय हो

मनरेगा का उद्देश्य केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराकर गांवों से शहरों की ओर हो रहे पलायन पर रोक लगाना ही नहीं है, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में परिसंपत्ति का निर्माण करना भी है. इस नज़रिये से...

सहरसा में चल रही है लूट की योजना

सहरसा में चल रही है लूट की योजना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानि मनरेगा की तस्वीर सहरसा, सुपौल व मधेपुरा जिलों में काफी धुंधली नजर आ रही है. पलायन रोककर स्थायी परिसंपत्ति निर्माण कराए जाने की सरकार की गरीब हितकारी योजना मनरेगा को इसमें जारी...

मनरेगा : अनुभव से सीखने की ज़रूरत

मनरेगा : अनुभव से सीखने की ज़रूरत

महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लायमेंट गारंटी प्रोग्राम (मनरेगा) की शुरुआत हुए चार साल से ज़्यादा व़क्त बीत चुका है और अब यह देश के हर ज़िले में लागू है. अपनी सफलता से तमाम तरह की उम्मीदें पैदा करने वाले मनरेगा...

मनरेगा, जो मन में आए करो!

मनरेगा, जो मन में आए करो!

उत्तर प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार योजना (मनरेगा) ग़रीबों के लिए केंद्र सरकार की खास योजना है. लेकिन अधिकारियों ने इसे अपनी तरह से चलाने की मनमानी शुरू कर दी है. इस समय प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के...

सार–संक्षेप : दो अभ्यारण्य संकट में

सतना ज़िले में बनने वाले दो अभ्यारण्य इन दिनों सरकारी दस्तावेजों के मध्य कहीं गुम हो गए हैं. वन्य प्राणियों को सुरक्षित करने के नाम पर इन अभ्यारण्यों का निर्माण मार्कन्डे और सर्भंग ऋषि के नाम पर किया गया था.

मनरेगा मुर्दों ने की मजदूरी

मनरेगा मुर्दों ने की मजदूरी

प्रदेश में भ्रष्टाचार के नित नए कीर्तिमान कायम किए जा रहे हैं. महात्मा गांधी के नाम वाली राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना तो सरकारी अमले के लिए अवैध कमाई की गंगा बन चुकी है. आए दिन कोई न कोई ऐसा...

मनरेगा रोजगार नहीं, धोखा है

मनरेगा रोजगार नहीं, धोखा है

मध्य प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना को लेकर सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन हक़ीक़त यही है कि राज्य में कहीं भी ग्रामीण श्रमिकों को औसतन 60 दिन का काम भी नहीं मिल रहा...

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