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Tag: सामाजिक

हड़ताल जारी रखना हुर्रियत की मजबूरी

हड़ताल जारी रखना हुर्रियत की मजबूरी

श्रीनगर के हैदरपुरा क्षेत्र स्थित सैयद अली शाह गिलानी के निवास के बाहर आठ नवंबर को भीड़ जमा थी. इस भीड़ में ऐसे दर्जनों नौजवान भी शामिल थे, जिन्होंने अपने चेहरों को रुमाल से ढंक रखा था. वो अपने जोशीले...

भक्तों की सत्यनिष्ठा

भक्तों की सत्यनिष्ठा

श्री शिरडी साईं बाबा ने अपने एक भक्त को जो कि उस समय एक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य कर रहा था, बताया था कि उसको व्यक्तिगत और कर्मक्षेत्र में सत्यनिष्ठा से आचरण करना चाहिए. यहां पर बाबा के द्वारा...

इस कलंक से मुक्ति के लिए स़िर्फ क़ानून का़फी नहीं

इस कलंक से मुक्ति के लिए स़िर्फ क़ानून का़फी नहीं

हाथ से मैला उठाने, उसे सिर पर ढोने या मैनुअल स्केवेंजिंग का घिनौना और अमानवीय कार्य आज भी हमारे देश में जारी है. मैला ढोने की यह प्रथा देश के माथे पर एक ऐसा बदनुमा दाग़ है, जिसे देखकर सबको...

सद्गुरु भक्तों के अर्न्तमन को जानते हैं

सद्गुरु भक्तों के अर्न्तमन को जानते हैं

गुरु-मुख होने की आवश्कता संसार में जो अनेक तरह के बंधन हैं, मनुष्य उनमें क्यों फंसता है? संसार के अनेक बंधनों में हम इसलिए फंसते हैं, क्योंकि हमारे मन में संसार के प्रति आकर्षण होता है. हम उस भावना के अनुरूप...

अद्भुत अभिव्यक्ति और जिजीविषा का अनूठा दस्तावेज़

आत्मकथा-हमारे पत्र पढ़ना की लेखिका, कवयित्री एवं कथाकार उर्मिल सत्यभूषण का जन्म पंजाब के गुरुदासपुर ज़िले में बीसवीं शताब्दी के चौथे दशक में हुआ था. उस समय देश में अंग्रेजी हुकूमत थी. आज़ादी की लड़ाई देश के कोने-कोने में लड़ी...

पटना कब बनेगा पाटलिपुत्र

पटना कब बनेगा पाटलिपुत्र

ईसा से 304 वर्ष पूर्व भारत की यात्रा पर आए प्रसिद्ध ग्रीक राजदूत मेगास्थनीज ने यदि यह न लिखा होता कि भारत के इस महानतम नगर पाटलिपुत्र (पटना) की सुंदरता एवं वैभव का मुकाबला सुसा और एकबताना जैसे नगर भी...

एनजीओ को राजनीति से दूर रहने की ज़रूरत है

एनजीओ को राजनीति से दूर रहने की ज़रूरत है

एक वक्त था, जब अपराधियों के सहारे कई नेता चुनाव जीतते थे. बाद में इन अपराधियों को लगा कि जब वे किसी को चुनाव जीता सकते हैं, तो ख़ुद क्यों नहीं चुनाव लड़ सकते हैं. इस तरह पहले अपराध का...

भारतीय मुसलमान और 2014 का आम चुनाव

भारतीय मुसलमान और 2014 का आम चुनाव

भारत की 16वीं लोकसभा का चुनाव कथित भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. गत दस वर्षों की कांग्रेस हुकूमत के दौरान जनता के धन एवं संपदा की गई लूट के रूप में मनमोहन-सोनिया गांधी का नेतृत्व अपने...

शीत युद्ध के आसार

शीत युद्ध के आसार

रूसी संसद के मंच पर रूस के साथ क्रीमिया की विलय संधि पर जब हस्ताक्षर हो रहे थे, तो उस समय अमेरिका और पश्‍चिमी देश बेचारे बने सब कुछ होता देख रहे थे. अंतत: रूस ने अमेरिका की धमकियों की...

राजनीति का शुद्धिकरण

जनता सार्वजनिक जीवन के प्रति उदास हो गई है, क्योंकि बहुजन समाज उपेक्षित है. बेरोजगारी का निराकरण, किसान की प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति तथा सवर्णों के द्वारा अवर्णों पर होने वाले अत्याचारों का निवारण हमें करना होगा-राज्य-सरकारों से कराना होगा....

क्या चीन का विश्वास करना चाहिए ?

क्या चीन का विश्वास करना चाहिए ?

जिस तरह चीनी सैनिक भारतीय सीमा का अतिक्रमण करते हैं और चीन भारत विरोधी गतिविधियों को ब़ढावा देता है, उसे देखते हुए चीन पर विश्‍वास करना आसान नहीं है. इसलिए चीन को भारत का विश्‍वास हासिल करने के लिए कुछ...

पाश्चारत्य काव्य-चिंतन पर एक दस्तावेज़

पाश्चारत्य काव्य-चिंतन पर एक दस्तावेज़

कविता का जन्म कब हुआ, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. मगर इतना ज़रूर है कि जब से इंसान ने बोलना सीखा और वह अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोने की कला में माहिर हुआ, तभी कविता का...

एक आंदोलन- ताकि यमुना कैदमुक्त हो

एक आंदोलन- ताकि यमुना कैदमुक्त हो

1990 में शुरू हुआ आर्थिक उदारीकरण अब अपना असर दिखा रहा है. ख़ुशहाली से भरे सपनों का गुब्बारा फटने लगा है. व्यवस्था के ख़िलाफ़ आक्रोश और व्यवस्था के प्रति नाराज़गी बढ़ती ही जा रही है. देश भर में हज़ारों आंदोलन...

पूरे चांद की रात…

पूरे चांद की रात…

भारतीय साहित्य के प्रमुख स्तंभ यानी उर्दू के मशहूर अ़फसानानिग़ार कृष्ण चंदर का जन्म 23 नवंबर, 1914 को पाकिस्तान के गुजरांवाला ज़िले के वज़ीराबाद में हुआ. उनका बचपन जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाक़े में बीता. उन्होंने तक़रीबन 20 उपन्यास लिखे...

आत्‍महत्‍या की कीमत हम सब चुकाते हैं

आत्‍महत्‍या की कीमत हम सब चुकाते हैं

वर्ष 2006 में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री नवीन जिंदल ने संसद में एक मुद्दा उठाया कि भारतीय छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं की वजह क्या है और सरकार किस तरह आत्महत्या के आंकड़े बढ़ने से रोक सकती है. इसके बाद...

महाभारत के पात्र आसपास बिखरे हैं

महाभारत के पात्र आसपास बिखरे हैं

भारतीय समाज में प्राचीन काल से लेकर आज तक सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में कोई विशेष बदलाव नहीं आया है. उस व़क्त भी ताक़तवर व्यक्ति अपने फायदे के लिए कमज़ोर व्यक्ति का इस्तेमाल करता था, और आज भी ऐसा ही...

सरल शब्दों में जीवन की अभिव्यक्ति

सरल शब्दों में जीवन की अभिव्यक्ति

हाल में आरोही प्रकाशन ने रेणु हुसैन की कविताओं के दो संग्रह प्रकाशित किए हैं. पहला कविता संग्रह है पानी-प्यार और दूसरे कविता संग्रह का नाम है जैसे. अंग्रेज़ी की वरिष्ठ अध्यापिका रेणु हुसैन स्कूल के व़क्त से ही कविताएं...

माननीयों की मनमानी: एक और ज़मीन घोटाला

माननीयों की मनमानी: एक और ज़मीन घोटाला

महाराष्ट्र में घोटालों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. माननीयों के कारनामों की फेहरिस्त कितनी लंबी है, इसका अंदाज लगा पाना मुश्किल है. ऐसा लगता है कि घोटालों के मामले में राज्य सरकार किसी भी सूरत में केंद्र...

अनूप श्रीवास्तव एएस बने

अनूप श्रीवास्तव एएस बने

1981 बैच के आईएएस अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है. वह संगीता गैरोला की जगह लेंगे. अनूप श्रीवास्तव इससे पहले राजस्व विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे.

अनूप कुमार और विंद्रा स्वरूप एएस बनेंगे

अनूप कुमार और विंद्रा स्वरूप एएस बनेंगे

1981 बैच के आईएएस अधिकारी अनूप कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया जाएगा. वह संगीता गैरोला की जगह लेंगे, जिन्हें संस्कृति मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. इसी बैच के आईएएस अधिकारी विंद्रा स्वरूप को...

महिलाओं के अधिकार और क़ानून

महिलाओं के अधिकार और क़ानून

हर व्यक्ति जन्म से ही कुछ अधिकार लेकर आता है, चाहे वह जीने का अधिकार हो या विकास के लिए अवसर प्राप्त करने का. मगर इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर किए जा रहे भेदभाव...

मुस्लिम सियासत और पीस पार्टी

मुस्लिम सियासत और पीस पार्टी

एक महीने से अधिक समय तक चले उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया 6 मार्च को मतगणना और परिणामों की घोषणा के साथ समाप्त हो गई. इसके साथ ही समाप्त हो गया वह लंबा इंतज़ार...

कंपनी बिल-2011 : राजनीतिक दलों का दोहरा रवैया

कंपनी बिल-2011 : राजनीतिक दलों का दोहरा रवैया

14 दिसंबर, 2011 को लोकसभा में एक घटना घटी. डॉ. वीरप्पा मोइली ने दोपहर के बाद कंपनी बिल-2011 लोकसभा में पेश किया. इस बिल में राजनीतिक दलों को कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले धन का प्रावधान है. इस बिल के...

स्त्रियों की मज़दूरी का मूल्यांकन

स्त्रियों की मज़दूरी का मूल्यांकन

फिर कल-काऱखानों के चल निकलने के कारण स्त्री कामगारों की संख्या बढ़ी, लेकिन बाज़ार में इनकी मज़दूरी का भाव पुरुषों की अपेक्षा निम्न स्तर का ही रहा. मालिकों की दलील यह थी कि यदि हमें मज़दूरों की ज़रूरत ही हो...

सुरेश पांडा अतिरिक्त सचिव बने

सुरेश पांडा अतिरिक्त सचिव बने

1981 बैच के आईएएस अधिकारी सुरेश चंद्र पांडा को गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं एफए बनाया गया है. वह विश्वपति त्रिवेदी की जगह लेंगे, जिन्हें खनिज मंत्रालय में सचिव बनाया गया है.

युवा शक्ति को पहचानने की ज़रुरत

युवा शक्ति को पहचानने की ज़रुरत

किसी भी देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी युवा शक्ति पर निर्भर करता है. भारत जैसे देश, जहां युवाओं की संख्या अच्छी-खासी है, वहां यह बात और अधिक प्रासंगिक हो जाती है. भारत के आर्थिक नियोजक इस पर ध्यान...

सामुदायिक रेडियो : बदलाव का सशक्त माध्यम

22 वर्षीय मंजुला पिछले वर्ष एक दिन अगस्त माह में रेडियो स्टेशन जा पहुंची और सुबह 5 बजे सुनामी के लिए सावधान रहने की घोषणा प्रसारित करने लगी. सवेरे रेडियो के श्रोता सकते में आ गए, क्योंकि वे इतने सवेरे...

अररिया जिले का भजनपुर गांवः दबंगई का अंतहीन सिलसिला

अररिया जिले का भजनपुर गांवः दबंगई का अंतहीन सिलसिला

यह भजनपुर गांव है. बिहार के राजनीतिक एवं भौगोलिक नक्शे के अनुसार एक ऐसा गांव, जो ज़िला अररिया के अनुमंडलीय नगर फारबिसगंज से मात्र दो किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से इतना पिछड़ा...

महाराष्‍ट्रः जादू टोने पर रोक लगेगी

महाराष्‍ट्रः जादू टोने पर रोक लगेगी

महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री का नाम है शिवाजी राव मोघे. उनके कार्यकाल में महाराष्ट्र में नरबलि और अन्य अमानवीय, अनिष्ट, अघोरी प्रथा व जादू-टोना पर प्रतिबंध लगाने के लिए हाल में संपन्न विधान मंडल के मानसून सत्र में एक...

सामाजिक विशमता मानव नस्ल का

सामाजिक विशमता मानव नस्ल का

आप पूछ सकते हैं कि भाई, जिन आदमियों के पास खाने को पर्याप्त रोटी नहीं है, पहनने के लिए कपड़ा नहीं है, उन सबको समान बंटवारा कर देने से क्या सब ठीक हो जाएगा? क्या आप मानते हैं कि वे...

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