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Tag: art

कामुकता के देव “कामदेव” यहां करते हैं निवास, जानते है क्या आप ?

कामुकता के देव “कामदेव” यहां करते हैं निवास, जानते है क्या आप ?

शास्त्रों में कामदेव को कामुकता का देवता बताया गया है।कामदेव’ को हिंदू देवी श्री के पुत्र और कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का अवतार माना गया है।सनातन परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चार प्रमुख चीजें बताई गई हैं। यदि...

अमोल पालेकर ने सरकार पर किया पटलवार, सेंसरशिप का लगाया आरोप

अमोल पालेकर ने सरकार पर किया पटलवार, सेंसरशिप का लगाया आरोप

मुंबई: मशहूर फिल्म अभिनेता और निर्देशक अमोल पालेकर को मुंबई के नॅशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट में स्पीच देने से रोकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद जहां इसकी कड़ी आलोचना...

जश्न-ए-रेख्ता : उर्दू पुनरुत्थान आंदोलन में मील का पत्थर है

जश्न-ए-रेख्ता : उर्दू पुनरुत्थान आंदोलन में मील का पत्थर है

उर्दू का जश्न मनाने के लिए आयोजित तीन दिवसीय जश्न-ए-रेख्ता के समापन पर प्रतिभागी इतने प्रभावित हुए कि उन्हें लगा जैसे उर्दू के पुनरुत्थान का समय आ गया है. जश्न में पहुंचने वाले लोगों के सैलाब ने आयोजकों को भी...

यश-भारती के यश पर सवाल

यश-भारती के यश पर सवाल

उत्तर प्रदेश के समाजवादी कुनबे में कलह जारी है. सियासत से लेकर अंतःपुर में खेले जाने वाले दांव-पेंच पर पूरे देश की नजर है. तमाम राजनीतिक विश्‍लेषक हर रोज रिश्तों की नई व्याख्या प्रस्तुत कर रहे हैं. कोई मौजूदा मुख्यमंत्री...

पहचान के संकट से जूझता कला केंद्र

पहचान के संकट से जूझता कला केंद्र

दिल्ली में इस बात को लेकर अर्से से शोर मच रहा है कि यहां साहित्य और कला प्रेमियों के लिए कोई बैठने की जगह नहीं है. कनॉट प्लेस में कॉफी शॉप बंद होने के बाद से इस तरह की मांग...

रंगमंच की बिसात पर सियासत

रंगमंच की बिसात पर सियासत

हिंदी में का़फी पहले एक कहावत कही जाती थी- बिना कोक जो रति करे/बिना गीता भख ज्ञान/बिन पिंगल कविता रचै/तीनों पशु समान. यह उक्ति कविता के संदर्भ में कही जाती थी, लेकिन कालांतर में छंद ही कविता से गायब हो...

पुस्तक समीक्षा हिचकी : नए साहित्यिक सृजन की ओर एक क़दम

पुस्तक समीक्षा हिचकी : नए साहित्यिक सृजन की ओर एक क़दम

पिछले दिनों नोएडा में एक भव्य कार्यक्रम में कला, साहित्य, संस्कृति और मानविकी को समर्पित एक नई हिंदी मासिक पत्रिका हिचकी का लोकार्पण हुआ. यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि साहित्य के  विकास में साहित्यिक पत्रिकाओं का बहुत बड़ा...

संस्कृति सहेजने वाली भावना

संस्कृति सहेजने वाली भावना

आपने यह तो सुना ही होगा कि बनारस का पान खाने से अक्ल का ताला खुल जाता है, लेकिन बनारस का यह मशहूर पान आखिर मिलता कहां है, यह पान बनता कैसे है और यह पान किस तरह बनारस की...

हिंदी साहित्य में मठाधीशी

हिंदी साहित्य में मठाधीशी

मुंबई के ऐतिहासिक सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्रांगण में दो दिनों तक साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत का बेहतरीन समागम हुआ. हिंदी-अंग्रेजी के साहित्यकारों और लेखकों ने दो दिनों तक सुबह से लेकर शाम तक जेवियर्स के कैंपस में गंभीर...

संगीतकारों की मदद की पहल

संगीतकारों की मदद की पहल

भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां को जब एक बार कोई पुरस्कार मिला था, तो उन्होंने कहा था कि सम्मान और पुरस्कार से कोई फायदा नहीं होता है. इसके स्थान पर यदि धन मिल जाता, तो बेहतर होता. बाद में बिस्मिल्लाह खां...

1 दिसंबर विश्‍व एड्स दिवस पर विशेष : एचआईवी के बाद भी जीवन संभव

1 दिसंबर विश्‍व एड्स दिवस पर विशेष : एचआईवी के बाद भी जीवन संभव

एड्स एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जो ह्ययुमन इम्युनो डिफिसिएंसी वायरस (एचआईवी) की वजह से होती है. एचआईवी के संक्रमण से मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है. यह वायरस मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को इस हद तक...

एक नए अध्याय की शुरुआत

एक नए अध्याय की शुरुआत

जिस समय देश में सांप्रदायिक सद्भाव कम हो रहा है. लोगों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं. ऐसे समय में सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की धरती ने हिंदी साहित्य जगत को विमर्श के लिए एक नया मंच प्रदान किया...

कौशल विकास से जुड़े आवंटन

कौशल विकास से जुड़े आवंटन

मोदी सरकार के पहले बजट से साहित्य, संस्कृति एवं कला क्षेत्र को भी काफी अपेक्षाएं थीं. साहित्य, संस्कृति एवं कला के प्रशासकों को उम्मीद थी कि इस बार उनके भी अच्छे दिन आएंगे. दिल्ली में मौजूद ऐतिहासिक दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी...

कबीर बानी से बुनी कविताएं

कबीर बानी से बुनी कविताएं

हिंदी साहित्य जगत पर रचनात्मकता के संकट की बहुत बातें होती रहती हैं. नब्बे के दशक में राजेंद्र यादव ने अपनी पत्रिका हंस के माध्यम से लेखन पर महसूस किए जा रहे इस संकट पर लंबी बहस चलाई थी. हंस...

फिल्‍मों में लोक संगीत

फिल्‍मों में लोक संगीत

भारत गांवों का देश है. गांवों में ही हमारी लोक कला और लोक संस्कृति की पैठ है. लेकिन गांवों के शहरों में तब्दील होने के साथ-साथ हमारी लोककलाएं भी लुप्त होती जा रही हैं. इन्हीं में से एक है लोक...

कलात्‍मक फिल्‍मों की नायाब नायिका नंदिता दास

कलात्‍मक फिल्‍मों की नायाब नायिका नंदिता दास

यह मानना मुश्किल होगा कि इंटेलेक्चुअल सिनेमा में कामयाबी का एक सफर तय कर चुकी नंदिता दास का मन पढ़ने में नहीं लगता था. यह बात बचपन की नहीं बल्कि कॉलेज के दिनों की है. हालांकि वह पढ़ने में तो...

‘सांस्‍कृतिक क्रांति’ पर बवाल

‘सांस्‍कृतिक क्रांति’ पर बवाल

चौथी दुनिया के अपने इसी स्तंभ में कुछ दिनों पहले मैंने बिहार सरकार के कला और संस्कृति मंत्रालय की कॉफी टेबल बुक-बिहार विहार के बहाने सूबे में सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता, उसमें आ रहे बदलाव और सरकारी स्तर पर उसके...

मक़बूल फ़िदा हुसैन: ख़त्म क़िस्सा हो गया

मक़बूल फ़िदा हुसैन: ख़त्म क़िस्सा हो गया

लंदन में मशहूर चित्रकार मक़बूल फ़िदा हुसैन के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया. आज तो भारतीय चित्रकारों का काम करोड़ों में बिक रहा है, लेकिन आठवें दशक में दुनिया की सबसे बड़ी नीलामी संस्थाओं सॉदबी...

ललित कला अकादमी सवालों के घेरे में

ललित कला अकादमी सवालों के घेरे में

क्रिकेट के विश्वकप के शोरगुल में एक अहम घटना दबकर रह गई. यह एक ऐसी घटना है, जो सरकार पोषित संस्था के कार्यकलापों पर सवालिया निशान खड़ा करती है. मैं बात कर रहा हूं ललित कला अकादमी की, जिसके अध्यक्ष...

नवहट्टा दक्षिण भारतीय कला का गवाह

नवहट्टा दक्षिण भारतीय कला का गवाह

कोसी क्षेत्र में मठ व मंदिरों की कमी नहीं है. इसके बावजूद प्रखंड नवहट्टा में अप्रवासी भारतीय मिश्राबंधु परिवार राजेश्वर मिश्र, हेम मिश्र व सतीश मिश्र अपने पिता स्व. गुंजन मिश्र की स्मृति में माता बाबूदाय देवी के करकमलों से...

चंदेरी साड़ी उद्योगः कब दूर होगी बुनकरों की बदहाली

चंदेरी साड़ी उद्योगः कब दूर होगी बुनकरों की बदहाली

मध्य प्रदेश के चंदेरी की हथकरघा कला जो देखता है, वही कायल हो जाता है, लेकिन इससे जुड़ा दूसरा सच यह है कि चंदेरी साड़ी उद्योग जैसे-जैसे व्यवसायिक गति पकड़ता जा रहा है, परंपरागत साड़ियां लुप्त होती जा रही हैं....

दिल्‍ली का बाबूः सबसे बड़ा सवाल

दिल्‍ली का बाबूः सबसे बड़ा सवाल

नौकरशाहों के लिए यह एक राहत की बात है कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें तत्काल ही सार्वजनिक जीवन से दूर होने की जरूरत नहीं है, लेकिन मुख्य सतर्कता आयुक्त के पद पर दूरसंचार सचिव पी जे थॉमस की नियुक्ति पर...

कला का राजनीति से कोई नाता नहीं

कला का राजनीति से कोई नाता नहीं

यदि आज के हालात में बस्तर जाने के नाम पर कुछ लोगों को सिहरन होने लगे तो ग़लत नहीं होगा, किंतु व्यापक संदर्भ में ऐसा नहीं है. नक्सली हिंसा के चलते इस क्षेत्र के बारे में दुनिया में एक दूसरी...

शिवोहम: कला और अध्यात्म का अनोखा संगम

शिवोहम: कला और अध्यात्म का अनोखा संगम

कला का अर्थ है सृजन करना. कला जीवन को सत्यम्‌ शिवम्‌ सुंदरम्‌ से समन्वित करती है. इसके द्वारा ही बुद्धि और आत्मा का सत्य स्वरूप झलकता है. कला व्यक्ति के मन में बनी स्वार्थ, परिवार, क्षेत्र, धर्म, भाषा एवं जाति...

मधुबनी पेंटिंगः सुशासन और बेहाल कला

मधुबनी पेंटिंगः सुशासन और बेहाल कला

कलात्मक दृष्टिकोण से मधुबनी की पेंटिंग पूरी दुनिया में मशहूर है. अपनी कला की बदौलत रसीदपुर की स्व. गंगादेवी को पद्मभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. उसके बाद जीतवारपुर की स्व. सीतादेवी समेत कई लोगों को इस सम्मान से नवाज़ा...

साहित्यकार फोसवाल में ऊबे दिखे

साहित्यकार फोसवाल में ऊबे दिखे

कला और साहित्य ज़मीन पर खींची गई किसी लकीर के दायरे में नहीं बांधे जा सकते. ऐसा ही कुछ देखने को मिला सार्क देशों से आए साहित्यकारों के सम्मेलन में. लगा जैसे इस कार्यक्रम के लंबे सत्र से अनेक साहित्यकार...

ओबरा कालीन उद्योग पर ग्रहण

ओबरा कालीन उद्योग पर ग्रहण

पौराणिक काल से ही मगध की धरती वीरों, बलिदानियों और उत्कृष्ट शिल्पियों की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि रही है. यदि स़िर्फ शिल्प की चर्चा करें तो इस धरती पर देव, देवकुंड और उमगा जैसे अति प्राचीन मंदिरों के रूप में कुशल...

शेखावटी उत्‍सव 2010

शेखावटी उत्‍सव 2010

राजस्थान के अर्द्धशुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र का भू-भाग शेखावाटी. ह इलाका सेठों की जन्मस्थली और वीरों की कर्मभूमि रहा है. रेतीले धारों के बीच यहां की हवेलियां और उन पर बने भित्ति चित्रों की भव्यता बेमिसाल है. इस क्षेत्र की प्रचलित...

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