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Tag: British

जनता ही सबक़ सिखाएगी

जनता ही सबक़ सिखाएगी

मोदी सरकार हिन्दू-हिन्दुत्व की बात करती है. सरकार बताए कि उसका दर्शन क्या है? हिन्दुओं के लिए इस सरकार ने क्या किया? 93 साल में आरएसएस ने हिन्दुओं के लिए क्या किया? हिन्दू दर्शन धर्मनिरपेक्ष है. मैं जानता हूं, भाजपा...

1947 का विभाजन: एक कत्लेआम की डरावनी कहानी

1947 का विभाजन: एक कत्लेआम की डरावनी कहानी

भारत का विभाजन, जो अपने साथ बहुत रक्तपात लाया था, उसकी कड़वी यादें एक किताब के जरिए फिर हमारे सामने आई हैं. किताब का नाम है, ‘पार्टीशन: द स्टोरी ऑफ इंडियन इंडिपेंडेंस एंड द क्रिएशन ऑफ पाकिस्तान इन 1947’. ब्रिटिश...

मोदी सरकार ने तीन साल में हटाए 1159 पुराने क़ानून : क़ानूनी किताब का ‘अंग्रेजी’ पाठ

मोदी सरकार ने तीन साल में हटाए 1159 पुराने क़ानून : क़ानूनी किताब का ‘अंग्रेजी’ पाठ

कानून की किताब में जितने नए अध्याय ज़ुडे हैं, उससे कहीं अधिक हटाए गए हैं. ये ब्रिटिशकालीन अध्याय कानूनी किताब में आर्काइव की तरह पड़े थे. प्रधानमंत्री मोदी ने तत्परता दिखाते हुए करीब बारह सौ पुराने कानूनों को एक झटके...

नए भारत के लिए नई संसद

नए भारत के लिए नई संसद

वर्ष 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में उपनिवेशवादी परंपरा तोड़ने की कोशिश नहीं की गई. नए शासक अपने वर्ग विशेष से निकले थे, जेल गए थे और पुराने शासकों के महलों एवं दफ्तरों पर काबिज़ हो गए थे....

बैगा समुदाय आधारभूत सुविधाओं से मरहूम

बैगा समुदाय आधारभूत सुविधाओं से मरहूम

बैगा आदिम जनजाति प्रकृति की सबसे निकट समुदाय में से एक है. वह बेवर खेती पद्धति के द्वारा अन्न उत्पादन करते रहे हैं, जिसे पर्यावरण के तथाकथित हितचिंतक वन का विनाश मानते हैं और इस पर रोक लगाने की बात...

नाजियों के चंगुल से जिंदा निकली थीं ओडेट

नाजियों के चंगुल से जिंदा निकली थीं ओडेट

ब्रिटिश सेनाओं ने फ्रांस में ही नाजियों के विरोध के लिए फ्रेंच रेजिस्टेंस सेना की मदद के लिए ओडेट को 1942 में देश कांस शहर में जासूसी के लिए उतारा. वहां पहुंचने के बाद उन्हें अपने सुपरवाइजर पीटर चर्चिल के...

रेल परियोजना पर सियासत

रेल परियोजना पर सियासत

जब कोई पार्टी सत्ता में होती है, तो उसे जनता के प्रति अपने दायित्वों का एहसास तक नहीं होता, लेकिन जैसे ही वह विपक्ष में बैठती है, खुद को सबसे बड़ा जनहितैषी मानकर सत्ता पक्ष के ख़िलाफ़ हो-हल्ला करने लगती...

साहस की मिसाल थीं क्रिस्टिना स्कारबेक

साहस की मिसाल थीं क्रिस्टिना स्कारबेक

मारिया क्रिस्टिना जैनिना स्कारबेक, जिन्हें क्रिस्टीन ग्रैनविले के नाम से भी जाना जाता था, द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान ब्रिटेन के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का हिस्सा थीं. उन्हें नाजी अधिकृत पोलैंड और फ्रांस के खिलाफ जासूसी करने के लिए याद...

देश को एक बेहतर संसद की अपेक्षा है

देश को एक बेहतर संसद की अपेक्षा है

 एक हज़ार सदस्यों पर आधारित संसद बहुत बड़ी प्रतीत होती है, लेकिन देश के आकार और जटिलता को देखते हुए कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है. मिसाल के तौर पर महिलाओं की भागीदारी का सवाल बहुत दिनों...

आर्थिक विकास का अवसर कहीं चूक न जाए

आर्थिक विकास का अवसर कहीं चूक न जाए

पश्‍चिमी देश एक अलग तरह की दिक्कत से गुजर रहे हैं. समृद्धि का अनुभव कई दशकों तक बना रहा. मान लिया गया था कि ग्रोथ हमेशा बनी रहेगी. खपत साल दर साल बढ़ने की उम्मीद थी. 2008 के वित्तीय संकट...

पृथक विदर्भ क्यों

पृथक विदर्भ क्यों

विदर्भ राज्य की मांग 108 साल पुरानी है. यह मांग सर्वप्रथम 1905 में उठाई गई थी, जब बेरार ज़िला निजामशाही से मुक्त होकर अंगे्रजों के अधीन आ गया था. 1938 में सीपी एंड बेरार राज्य विधानसभा ने मराठी भाषियों के...

नया स्वघोषित ख़लीफ़ा

नया स्वघोषित ख़लीफ़ा

खिलाफ़त आंदोलन को भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. इस आंदोलन के 94 सालों के बाद अब हमें एक नया ख़लीफ़ा मिल गया है, जो यह दावा करता है कि उसे सुन्नी मुसलमानों का समर्थन हासिल है. महात्मा गांधी...

सरकार के सामने चुनौतियां

सरकार के सामने चुनौतियां

एक बार पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैरॉल्ड मैकमिलन से यह पूछा गया कि वह किस बात को लेकर सबसे ज़्यादा चिंतित होते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया था, अवांछित घटनाएं मेरे दोस्त. भारत में नई सरकार बने अभी ज़्यादा दिन नहीं...

इतिहास को सच का आईना

इतिहास को सच का आईना

क़रीब दो साल पहले की बात है, मेरे एक अग्रजवत वरिष्ठ सहयोगी ने आपसी चर्चा के दौरान कहा था कि हमारे देश का इतिहास उतना विश्‍वसनीय नहीं है, जितना उसे लोग समझते हैं. यह अपनी सुविधा और अपनी मर्जी के...

आठ हजार का फैबलेट 13 हजार का गिफ्ट

आठ हजार का फैबलेट 13 हजार का गिफ्ट

यह फैबलेट सबसे पहले होमशॉप 18 के जरिये लॉन्च किया गया. इस फैबलेट के साथ 1000 रुपये का फ्री सर्टिफिकेट और 12000 रुपये मूल्य का एयरसेल पैकेज ऑफर किया जा रहा है. भारतीय कंपनी माइक्रोमैक्स ने अपना नया फैबलेट-कैनवास जूस...

टकसाल का राष्ट्रीयकरण

टकसाल का राष्ट्रीयकरण

आपको ज्ञात होगा कि बैंक, नोट अथवा सिक्के (करेंसी)आज के युग में कितने आवश्यक हैं. किसी भी सभ्य देश का काम इनके बिना चल ही नहीं सकता. सिक्कों में किस अनुपात में कौन सी धातु मिलाई जाए और इस पर...

जन्म प्रमाणपत्र की जंग

जन्म प्रमाणपत्र की जंग

जेनकिंस का फटा कान 1739 में ब्रिटेन और स्पेन के बीच युद्ध का कारण बना था. रॉबर्ट जेनकिंस ने स्पेन की क्रूरता दिखाने के लिए अपने फटे कान को ब्रिटिश संसद के सामने पेश किया था. इसने ब्रिटेन और स्पेन...

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और मुद्दे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और मुद्दे

ब्रिटिश सार्वजनिक जीवन की एक आधारभूत सच्चाई यह है कि वहां के टैक्सी चालक को भी अपने देश के राजनीतिक हालात के बारे में जानकारी होती है और जब आप टैक्सी से यात्रा कर रहे हों तो वह आपको मौजूदा...

क्रांति को प्रेम से क्या ख़तरा है

क्रांति को प्रेम से क्या ख़तरा है

क्रांति और प्रेम एक सिक्के के दो पहलू हैं. क्रांति प्रेम से ही पनपती है. दुनिया की बड़ी-बड़ी क्रांतियां प्रेम की वजह से ही हुई हैं. चाहे देश प्रेम हो या फिर किसी के प्रति प्रेम. ऐसे में एक क्रांतिकारी...

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

भारतीय इतिहास में तुर्की की एक अहम भूमिका रही है. भारत के विभाजन के केंद्र में भी इसका नाम रहा और इसके बाद भारत द्वारा धर्मनिरपेक्षवाद अपनाए जाने के पीछे भी वजह तुर्की ही था. प्रथम विश्व युद्ध के व़क्त...

ब्रिटिश संसद से कुछ सीखें

ब्रिटिश संसद से कुछ सीखें

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार हाउस ऑफ लॉड्‌र्स की अध्यक्ष हेलेन हेयमैन से मिलने पहुंचीं. मीरा कुमार यह आशा कर रही थीं कि हेयमैन से मिलने के दौरान एक भोज का आयोजन होगा और लॉड्‌र्स अध्यक्ष उनके साथ ख़ूब सारा समय...

स्‍वाधीनता संग्राम और मुसलमान

स्‍वाधीनता संग्राम और मुसलमान

इस साल कांग्रेस अपना 125वां स्थापना दिवस मना रही है. भारत के सभी धर्मों के नागरिकों ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ज़रिए स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया, परंतु हमारे नेताओं की बहुसंख्यकवादी मानसिकता और स्कूली पाठ्‌यक्रम तैयार करने वालों...

सर्विस इकोनोमी या सर्वेंट इकोनोमी

सर्विस इकोनोमी या सर्वेंट इकोनोमी

कुछ दिन पहले प्रकाशित एक किताब के मुताबिक़ आज से सौ साल पहले इंग्लैंड में घरेलू नौकर रोजगार का सबसे बड़ा स्त्रोत था. साधारण सा दिखने वाला यह तथ्य एक वर्ग-आधारित समाज में व्याप्त असमानता का सटीक चित्रण करता है...

गांधी जी और बटक मियां

गांधी जी और बटक मियां

लंदन से दक्षिण अफ्रीका लौटते व़क्त राष्ट्रपिता गांधी ने जो संवाद लिखा था, वह बाद में हिंद स्वराज के नाम से पुस्तकाकार भी छपा. इस पुस्तक के प्रकाशन के सौ साल पूरे होने पर बुद्धिजीवियों के बीच जमकर बहस-मुहाबिसा हुआ....

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