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Tag: Chhattisgarh

किसानों की आत्‍महत्‍या जारी

किसानों की आत्‍महत्‍या जारी

मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार भले ही किसान को खुशहाल बनाने और खेती को लाभदायक व्यवसाय बनाने का प्रचार कर रही है, लेकिन हक़ीक़त यह है कि राज्य के किसानों की हालत का़फी ख़राब है. हालात ये है कि ग़रीबी...

नक्सल समस्या : राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने की ज़रूरत

नक्सल समस्या : राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाने की ज़रूरत

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा ज़िले में नक्सली हमले में एक साथ 76 लोगों की मौत ने देश में लगातार गंभीर बनती जा रही इस समस्या की ओर फिर से ध्यान खींचा है. नक्सलियों की बढ़ती ताक़त, उनके प्रभाव क्षेत्र में विस्तार...

गृहमंत्री जी, आप अपनी ज़िम्मेदारियों से भाग नहीं सकते

गृहमंत्री जी, आप अपनी ज़िम्मेदारियों से भाग नहीं सकते

अधिकतर ग़लतियां अक्सर दिमाग़ से शुरू होती हैं. यह सभी जानते हैं कि सुरक्षा मामलों में गृहमंत्री पी चिदंबरम अमेरिकी नीति के बड़े हिमायती हैं. इस नीति में अपनी कमियों पर ख़ास ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन सुरक्षा का यह...

आंखों देखा नक्‍सलवाद

आंखों देखा नक्‍सलवाद

विदेशी हथियारों से लैस नक्सलवादी समूहों के पास सरकार से अधिक मज़बूत सूचनातंत्र है. गहराई तक जानें तो, इन नक्सलवादी समूहों के पास पैसा, हथियार, योजना सभी कुछ उम्मीदों से कहीं ज़्यादा है. लेकिन, ये समूह जन विश्वास और जन...

ग़ैर-जमानती वारंट के बाद भी अधिकारी बहाल

ग़ैर-जमानती वारंट के बाद भी अधिकारी बहाल

राज्य में भ्रष्टाचार और घोटालों पर लगाम लगाना वैसे ही मुश्किल हो रहा है. उस पर जो मामले अदालत में चल रहे हैं, उनके दोषियों पर कोई कार्रवाई न कर प्रशासन अप्रत्यक्ष रूप से अपराधियों को संदेश दे रहा है...

बीस करोड़ की कोयला चोरी पकड़ी गई

बीस करोड़ की कोयला चोरी पकड़ी गई

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार तो मानो राज्य प्रशासन की पहचान बन गया है. ऐसा लगता है कि हर सरकारी विभाग चोरी और घोटालों में ही पनप रहा है. इस बार बारी है कोयला विभाग की.

जलमनी योजना खटाई में

जलमनी योजना खटाई में

केंद्र सरकार के एक निर्देश पर राज्य के 900 स्कूलों के बच्चों की सेहत के लिए राज्य सरकार अचानक गंभीर हो गई है. इन छात्रों को स्वच्छ जल पिलाने के लिए सरकार ने वाटर फिल्टर लगाने की अनुशंसा को मान...

हीरे और अलेक्‍जेन्‍ड्राइट की तस्‍करी जारी

हीरे और अलेक्‍जेन्‍ड्राइट की तस्‍करी जारी

राजधानी से कुछ ही दूरी पर स्थित हीरे की खदान में पिछले लंबे समय से अवैध उत्खनन का काम धड़ल्ले से जारी है. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पास खनिज विभाग का ज़िम्मा भी है, इसके बावजूद सुरक्षा तंत्र इस...

दिल्‍ली का बाबू : सतर्कता आयोग का नया नुस्खा

दिल्‍ली का बाबू : सतर्कता आयोग का नया नुस्खा

ऐसा लगता है कि नौकरशाही में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने अब खुद ही मोर्चा संभाल लिया है. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अधिकारियों के यहां आयकर विभाग के छापों की आग अभी ठंडी...

सार-संक्षेप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी के वनग्राम खटपुरा के 200 वनवासी परिवारों को एक भाजपा नेता के इशारे पर वन विभाग के अफसर प्रताड़ित कर रहे हैं. 25 वर्षों से वनभूमि पर रहने वाले वनवासियों का आरोप...

राष्‍ट्रीय पक्षी मोर संकट में

राष्‍ट्रीय पक्षी मोर संकट में

प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पक्षी मोर पर संकट मंडराने लगा है. मोर को क़ैद करके उसे शोभा की वस्तु बना लेने का चलन इन दिनों राज्य में गति पकड़ रहा है. वन विभाग कामला इस...

नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र ब़ढते जा रहे हैं

नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र ब़ढते जा रहे हैं

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी होने के लाख दावे करे, लेकिन इस हकीकत को सरकार छिपा नहीं सकी है कि राज्य में उग्रवादी नक्सली संगठन अपने पांव पसार रहे हैं. इसी कारण उनका प्रभाव क्षेत्र...

जनसंख्‍या के आधार पर आदिवासी आरक्षण की मांग

जनसंख्‍या के आधार पर आदिवासी आरक्षण की मांग

छत्तीसगढ़ राज्य में जनसंख्या के अनुपात में आदिवासियों को 32 प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए मुसीबत बन गया है. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के झण्डे तले राज्य के 18 आदिवासी संगठनों ने हाल...

खेतों में उद्योग स्थापना से असंतोष

खेतों में उद्योग स्थापना से असंतोष

छत्तीसगढ़ के केवल एक ज़िले में लाखों एकड़ कृषि भूमि सस्ते दामों में खरीद कर बाहर से आए उद्योगपतियों ने राज्य के कृषि उत्पादन कार्यक्रम को न स़िर्फ प्रभावित किया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र और उसकी अर्थव्यवस्था को भी पूरी तरह...

कोयले की तस्करी से 350 करोड़ की चपत

कोयले की तस्करी से 350 करोड़ की चपत

भिलाई इस्पात संयंत्र में काले हीरे की कालाबाज़ारी इस तरह चलती है कि प्रतिवर्ष अरबों रुपये का लेनदेन अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस के साथ मिलकर खुलेआम कर लिया जाता है. इस धंधे में लगे हुए ठेकेदार कहने को तो कोयले...

दोहरे हत्याकांड की जांच संदेह के घेरे में

दोहरे हत्याकांड की जांच संदेह के घेरे में

पिछले 09 जून 2006 को बिलासपुर के अंबिकापुर में हुए एक हत्याकांड की गुत्थी सुलझा पाने में छत्तीसगढ़ की पुलिस अभी तक पूरी तरह अक्षम रही है. दो युवा महिलाओं की हत्या के मामले में तीन वर्ष की एक बच्ची...

जो बोलेगा, सो झेलेगा

जो बोलेगा, सो झेलेगा

हिंदी के मशहूर लेखक एवं नाटककार मुद्राराक्षस बेहद गुस्से में थे. आक्रामक मुद्रा और तीखे स्वरों में लगभग चीखते हुए उन्होंने सवाल किया कि यह देश किसका है, किसके लिए है. हत्यारे, लुटेरे, बलात्कारी, दलाल, तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं....

झूठ की बुनियाद पर भविष्य की पाठशाला

झूठ की बुनियाद पर भविष्य की पाठशाला

आदिवासियों के बीच शिक्षा के व्यवसायीकरण की उद्योगपतियों की कोशिश छत्तीसगढ़ में कामयाब होती जा रही है. पूंजीपति और व्यवसायी शिक्षा के सभी स्थापित मापदंडों को तोड़ते हुए पूरी तरह व्यवसायिक शक्ल देने में लगे हुए हैं. राज्य शासन इनके...

आपसी खींचतान से बंद हुई आदिवासी विकास परियोजना

आपसी खींचतान से बंद हुई आदिवासी विकास परियोजना

छत्तीसगढ़ में आदिवासी संरक्षण का दावा करने वाली रमन सरकार इसी वर्ग के हितों पर कुठाराघाट करने पर आमादा है. आदिवासियों के विकास के लिए अब तक चलाए जा रहे एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम, आदिवासी विकास की परियोजना को राज्य प्रशासन...

दिल्‍ली का बाबू : परंपरा की अनदेखी

दिल्‍ली का बाबू : परंपरा की अनदेखी

हाल में जब कई राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा हुई तो एम के नारायणन के कोलकाता पहुंचने को सबसे ज़्यादा सु़र्खियां मिलीं. लेकिन, जानकार लोगों की मानें तो विवादास्पद श्रेणी में आने वाली यह अकेली नियुक्ति नहीं...

दर्द से कराहती ज़िंदगी दूषित पानी से विकलांग होते ग्रामीण

दर्द से कराहती ज़िंदगी दूषित पानी से विकलांग होते ग्रामीण

यूनीसेफ की सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक़ पूरे भारत वर्ष के 20 राज्य के ग्रामीण अंचलों मे रहने वाले लाखों लोग फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से फ्लोरोसिस के शिकार हैं. सर्वाधिक प्रभावित राज्यों मे आंध्रप्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान है, जहां...

नक्सली राजधानी तक आ गए हैं

नक्सली राजधानी तक आ गए हैं

छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सलियों के हौंसले बुलंद हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन और पुलिस उन पर नकेल लगाने में सफल नहीं हुई है. राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि भारत सरकार भी नक्सलवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए...

औद्योगिक विकास का अभिशाप भोगता बचपन

औद्योगिक विकास का अभिशाप भोगता बचपन

रायगढ़ की पहचान छत्तीसगढ़ राज्य के संपन्न औद्योगिक क्षेत्र के रूप में बनी हुई है. यहां इस्पात एवं लौह धातुकर्म उद्योग के साथ ऊर्जा उत्पादन की इकाइयों की स्थापना करने के बाद अब पूरे रायगढ़ ज़िले को ऊर्जा केन्द्र बनाने...

सरकार कंपनियों के आगे नतमस्‍तक

सरकार कंपनियों के आगे नतमस्‍तक

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव गदगद हैं कि बड़े उद्योग राज्य पर बहुत मेहरबान हैं और अब तक कोई चार लाख करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं. छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बने बस एक ही दशक तो पूरा हुआ है...

बैगन पर बवाल, सेहत का सवाल

बैगन पर बवाल, सेहत का सवाल

काफी दिनों से बीटी बैगन को लेकर पूरे देश में व्यापक बहस चल रही है. इसके पक्ष और विपक्ष में तर्क दिए जा रहे हैं. कहने का मतलब यह है कि बीटी बैगन सुर्ख़ियों में है. लेकिन सवाल यह उठता...

सरकार, जनता और मानवाधिकार का भ्रम

सरकार, जनता और मानवाधिकार का भ्रम

भारतीय लोकतंत्र में लोक और तंत्र के बीच जो गहरी खाई है, उससे न स़िर्फ लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास हुआ है, बल्कि लोगों के गरिमामय जीवन जीने के लिए ज़रूरी अधिकारों मसलन मानवाधिकार का भी हनन हुआ है. यह सिलसिला...

सच की जुबान पर सरकार का पहरा

सच की जुबान पर सरकार का पहरा

केंद्र सरकार की इस बेताला धुन पर कई राज्य सरकारें जुगलबंदी कर रही हैं कि माओवादी अमन और तऱक्क़ी के जानी दुश्मन हैं, देश और समाज के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं. यह न्याय और अधिकार की आवाज़ को कुचल...

क्या वे सजग प्रहरी हैं?

क्या वे सजग प्रहरी हैं?

इस बात पर बहस हो सकती है कि किसी आदमी के लिए कुत्ता किसिम का, कुत्ता कहीं का जैसा जुमला गाली है या व़फादारी की पदवी. गांव-गली के कुत्ते अपने इलाक़े की पहरेदारी करते हैं. कहीं भी कोई ग़ैर मामूली...

हाथी हिंसक क्यों हो रहे हैं?

हाथी हिंसक क्यों हो रहे हैं?

यदि ख़बरों पर विश्वास किया जाए तो पिछले दो दशकों के दौरान हाथियों ने केवल छत्तीसगढ़ में 120 से ज़्यादा मनुष्यों की जान ली है. आंकड़ों की यह सच्चाई बताती है कि विकास के नाम पर जंगलों के कटने और...

समस्याओं को मत टालिए

कोई भी शासन करे, उसे समझ लेना चाहिए कि समस्याओं को टालना ख़तरनाक होता है. तेलंगाना एक ऐसी ही समस्या है. इससे पहले जब भाजपा ने छत्तीसग़ढ, झारखंड और उत्तरांचल बनाए थे, तभी लगने लगा था कि राज्यों के बंटवारे...

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