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Tag: culture

देशभर में मनाई जा रही है ईद, राष्ट्रपति, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

देशभर में मनाई जा रही है ईद, राष्ट्रपति, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

नई दिल्ली: देशभर में त्याग और बलिदान का त्योहार बकरीद आज मनाया जा रहा है. इस मौके पर सुबह मस्जिदों में भारी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंच रहे हैं. बकरीद के दिन नमाज के साथ-साथ जानवरों की कुर्बानी...

कामुकता के देव “कामदेव” यहां करते हैं निवास, जानते है क्या आप ?

कामुकता के देव “कामदेव” यहां करते हैं निवास, जानते है क्या आप ?

शास्त्रों में कामदेव को कामुकता का देवता बताया गया है।कामदेव’ को हिंदू देवी श्री के पुत्र और कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न का अवतार माना गया है।सनातन परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चार प्रमुख चीजें बताई गई हैं। यदि...

साहित्य : तीन साल में चले ढाई कोस

साहित्य : तीन साल में चले ढाई कोस

संस्कृति और कला के क्षेत्र में बदलाव की आहट सुनाई दी थी. आजादी के बाद पहली बार केंद्र में किसी गैर कांग्रेसी सरकार को जनता ने पूर्ण बहुमत से सत्ता सौंपी थी. बहुमत के अलावा एक और बात जिसको रेखांकित...

जश्न-ए-रेख्ता : उर्दू पुनरुत्थान आंदोलन में मील का पत्थर है

जश्न-ए-रेख्ता : उर्दू पुनरुत्थान आंदोलन में मील का पत्थर है

उर्दू का जश्न मनाने के लिए आयोजित तीन दिवसीय जश्न-ए-रेख्ता के समापन पर प्रतिभागी इतने प्रभावित हुए कि उन्हें लगा जैसे उर्दू के पुनरुत्थान का समय आ गया है. जश्न में पहुंचने वाले लोगों के सैलाब ने आयोजकों को भी...

शेखावाटी महोत्सव : राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का सजीव चित्रण

शेखावाटी महोत्सव : राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का सजीव चित्रण

  Photo credit : Prabhat Pandey  राजस्थान अपनी विरासत और संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां का हर जिला और हर शहर अपने-आप में गौरवशाली इतिहास का एक अध्याय है. ऐसी ही एक जगह है नवलगढ़. ऐतिहासिक हवेलियों के...

यश-भारती के यश पर सवाल

यश-भारती के यश पर सवाल

उत्तर प्रदेश के समाजवादी कुनबे में कलह जारी है. सियासत से लेकर अंतःपुर में खेले जाने वाले दांव-पेंच पर पूरे देश की नजर है. तमाम राजनीतिक विश्‍लेषक हर रोज रिश्तों की नई व्याख्या प्रस्तुत कर रहे हैं. कोई मौजूदा मुख्यमंत्री...

पुस्तक समीक्षा हिचकी : नए साहित्यिक सृजन की ओर एक क़दम

पुस्तक समीक्षा हिचकी : नए साहित्यिक सृजन की ओर एक क़दम

पिछले दिनों नोएडा में एक भव्य कार्यक्रम में कला, साहित्य, संस्कृति और मानविकी को समर्पित एक नई हिंदी मासिक पत्रिका हिचकी का लोकार्पण हुआ. यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि साहित्य के  विकास में साहित्यिक पत्रिकाओं का बहुत बड़ा...

हिंदी साहित्य में मठाधीशी

हिंदी साहित्य में मठाधीशी

मुंबई के ऐतिहासिक सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्रांगण में दो दिनों तक साहित्य, कला, संस्कृति और संगीत का बेहतरीन समागम हुआ. हिंदी-अंग्रेजी के साहित्यकारों और लेखकों ने दो दिनों तक सुबह से लेकर शाम तक जेवियर्स के कैंपस में गंभीर...

भारत-इजरायल संबंध की जड़ में कौन

भारत-इजरायल संबंध की जड़ में कौन

आज भारत और इजरायल, जो कभी एक दूसरे के विरोधी हुआ करते थे, की मित्रता अपनी प्रगा़ढता के चरम पर है. दोनों देशों के नेता यात्राएं कर रहे हैं एवं विभिन्न क्षेत्रों में नई-नई संधियां की जा रही हैं. इस...

पुस्तक मेले लेखकों का प्रचार मंच बन चुके हैं

पुस्तक मेले लेखकों का प्रचार मंच बन चुके हैं

विश्व में पुस्तक मेलों का एक लंबा इतिहास रहा है. पुस्तक मेलों का पाठकों की रुचि बढ़ाने से लेकर समाज में पुस्तक संस्कृति को बनाने और उसको विकसित करने में एक अहम योगदान रहा है. भारत में बड़े स्तर पर...

प्रकृति से जु़डी है हमारी संस्कृति

प्रकृति से जु़डी है हमारी संस्कृति

इंसान ही नहीं दुनिया की कोई भी नस्ल जल, जंगल और ज़मीन के बिना ज़िंदा नहीं रह सकती. ये तीनों हमारे जीवन का आधार हैं. यह भारतीय संस्कृति की विशेषता है कि उसने प्रकृति को विशेष महत्व दिया है. पहले...

वजूद खो रही है भाषाएं

वजूद खो रही है भाषाएं

जब से इंसान ने एक दूसरे को समझना शुरू किया होगा, तभी से उसने भाषा के महत्व को भी समझा और जाना होगा. भाषा सभ्यता की पहली निशानी है. किसी भी समाज की संस्कृति और सभ्यता की जान उसकी भाषा...

अ़खबारों से ग़ायब होता साहित्य

अ़खबारों से ग़ायब होता साहित्य

साहित्य समाज का आईना होता है. जिस समाज में जो घटता है, वही उस समाज के साहित्य में दिखलाई देता है. साहित्य के ज़रिये ही लोगों को समाज की उस सच्चाई का पता चलता है, जिसका अनुभव उसे खुद नहीं...

कैसे बचेगी गंगा-जमुनी तहजीब

कैसे बचेगी गंगा-जमुनी तहजीब

गंगा की निर्मलता तभी संभव है, जब गंगा को अविरल बहने दिया जाए. यह एक ऐसा तथ्य है, जिसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है, लेकिन गंगा की स़फाई के नाम पर पिछले 20 सालों में हज़ारों करोड़ रुपये बहा...

मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है

मैंने तो अपनी भाषा को प्यार किया है

हर भाषा की अपनी अहमियत होती है. फिर भी मातृभाषा हमें सबसे प्यारी है. क्योंकि उसी ज़ुबान में हम बोलना सीखते हैं. बच्चा सबसे पहले मां ही बोलता है. इसलिए भी मातृभाषा हमें सबसे ज़्यादा प्रिय है. लेकिन देखने में...

संबित त्रिपाठी और संजय कुमार निदेशक बने

संबित त्रिपाठी और संजय कुमार निदेशक बने

1998 बैच के आईआरएस (आईटी) अधिकारी संबित त्रिपाठी को जहाज रानी मंत्रालय में निदेशक बनाया जाएगा. वह विशाल गगन की जगह लेंगे, जिन्हें पर्यटन मंत्रालय भेजा गया है.

स्त्री विमर्श की बदमाश कंपनी

स्त्री विमर्श की बदमाश कंपनी

हिंदी में स्त्री विमर्श का इतिहास बहुत पुराना नहीं है. हिंदी साहित्य में माना जाता है कि राजेंद्र यादव ने अपनी पत्रिका हंस में स्त्री विमर्श की गंभीर शुरुआत की थी. दरअसल स्त्री विमर्श पश्चिमी देशों से आयातित एक कांसेप्ट...

दान का महत्व

दान का महत्व

एक बार शिरडी के साई बाबा से उनकी परमभक्तलक्ष्मी ने पूछा, बाबा द्वारका माई में हर समय धूनी जलती रहती है. सुबह-शाम ग़रीबों की भूख मिटाती यह रसोई क्या आपके लिए दो रोटी नहीं दे सकती?

झीनी-झीनी बीनी नहीं, फटी चदरिया

झीनी-झीनी बीनी नहीं, फटी चदरिया

बुनकर! स़िर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि प्रतीक भारतीयता का, मिट्टी की सोंधी महक का. स्वतंत्रता सेनानियों ने करघा के आसरे क्रांति का ख्वाब देखा और स्वतंत्रता प्राप्ति की तऱफ अग्रसर हुए. स्वतंत्र तो हम हुए, परंतु करघा दम तोड़ता गया....

शेखावाटी उत्सव 2012 राजस्थानी संस्कृति को संजोने का प्रयास

शेखावाटी उत्सव 2012 राजस्थानी संस्कृति को संजोने का प्रयास

भारत विभिन्न संस्कृतियों एवं परंपराओं का देश है. यही विशेषता इसे दुनिया के अन्य देशों से अलग पहचान दिलाती है, लेकिन इस समय दुनिया में जितनी तेज़ी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है, उसमें प्राचीन संस्कृतियों को बरक़रार रख...

राजनीति, बीयर और…

राजनीति, बीयर और…

यह शोध संस्कृति से जुड़ा है. प्राचीन मेसोपोटामियाई सभ्यता के लोगों की दैनिक गतिविधियों में सेक्स, राजनीति और बीयर पीना उच्च प्राथमिकता के विषय थे.

अमेरिका : मार्ग से भटकते नागरिक

संयुक्त राज्य अमेरिका की संस्कृति को मेल्टिंग पॉट संस्कृति कहा जाता है. मतलब यह कि वहां रहने वाले लोग चाहे किसी देश, समुदाय, धर्म या क्षेत्र से आए हों, लेकिन अमेरिका आने के बाद उन्हें उसी संस्कृति का हिस्सा बनकर...

समाज अपनी खामियों को पहचाने

हमें अपने भारतीय पारिवारिक मूल्यों पर गर्व होता है. अपने पारिवारिक मूल्यों को हम अन्य संस्कृतियों के पारिवारिक मूल्यों से श्रेष्ठ समझते हैं. अगर किसी से स्वर्ग के बारे में पूछा जाए तो वह कहेगा कि वैसा जीवन, जिसमें ब्रिटिश...

राष्ट्रीय शहरी सड़क विक्रेता नीति 2009 : सिर्फ़ क़ानून बनाने से काम नहीं चलेगा

राष्ट्रीय शहरी सड़क विक्रेता नीति 2009 : सिर्फ़ क़ानून बनाने से काम नहीं चलेगा

पिछले कई वर्षों से फुटपाथों, पार्कों और सब-वे जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं की पहुंच सही उपभोक्ताओं तक न हो पाने का मामला दुनिया भर के बड़े शहरों में विवादग्रस्त बन गया है.

रंगों की कहानी रंगों की ज़ुबानी

रंगों की कहानी रंगों की ज़ुबानी

मानव सभ्यता में रंगों का का़फी महत्व रहा है. हर सभ्यता ने रंगों को अपने तरीक़े से अपनाया. दुनिया में रंगों के इस्तेमाल को जानना भी बेहद दिलचस्प है. कई सभ्यताओं को उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों की...

‘सांस्‍कृतिक क्रांति’ पर बवाल

‘सांस्‍कृतिक क्रांति’ पर बवाल

चौथी दुनिया के अपने इसी स्तंभ में कुछ दिनों पहले मैंने बिहार सरकार के कला और संस्कृति मंत्रालय की कॉफी टेबल बुक-बिहार विहार के बहाने सूबे में सांस्कृतिक संगठनों की सक्रियता, उसमें आ रहे बदलाव और सरकारी स्तर पर उसके...

बिहार में सांस्कृतिक क्रांति

बिहार में सांस्कृतिक क्रांति

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी मशहूर किताब संस्कृति के चार अध्याय में कहा है कि विद्रोह, क्रांति या बग़ावत कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसका विस्फोट अचानक होता है. घाव भी फूटने के पहले बहुत दिनों तक पकता रहता...

भारत की संस्कृत-उर्दू सभ्यता

भारत की संस्कृत-उर्दू सभ्यता

यह प्रवासियों का देश है. 92 फीसदी लोग जो आज यहां रह रहे हैं, उनके पुरखे विदेश से आए थे. हम सबके पुरखे विदेश से आए थे. हमारे देश में लोग पिछले दस हजार साल से आते रहे हैं. क्यों...

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