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Tag: Gandhi

150वीं गांधी जयंती पर बापू को देश का नमन, PM मोदी-सोनिया ने राजघाट पहुंच दी श्रद्धांजलि

150वीं गांधी जयंती पर बापू को देश का नमन, PM मोदी-सोनिया ने राजघाट पहुंच दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आज दुनियाभर में कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भव्य आयोजन किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर नई दिल्ली के...

जिनका था खौ़फ, अब खुद मौत से डर रहे

जिनका था खौ़फ, अब खुद मौत से डर रहे

कभी गांधी की कर्मभूूमि रहा चम्पारण 20 वीं सदी के अंतिम दशक तक मिनी चम्बल के रूप में कुख्यात हो गया. चार दशक तक चम्पारण डकैतों, आपराधिक गिरोहों का अभ्यारण्य बना रहा. चम्पारण का गंडक दियारा और जंगल में गन्ना...

जुमला साबित हो सकता है 2019 तक सबको शौचालय का लक्ष्य

जुमला साबित हो सकता है 2019 तक सबको शौचालय का लक्ष्य

साल 2019 के 2 अक्टूबर तक पूरे भारत को खुले में शौच से  मुक्त कराने का लक्ष्य सरकार ने रखा है. 2 अक्टूबर 2019 तक करीब 8 करोड़ शौचालय बनाने की जरूरत है, ताकि भारत को खुले में शौच मुक्त...

गांधीवाद की मार्केटिंग कर अपनी ब्रांडिंग में लगे राजनेता

गांधीवाद की मार्केटिंग कर अपनी ब्रांडिंग में लगे राजनेता

चम्पारण सत्याग्रह को सौ वर्ष पूरे हो गए हैं. 10 अप्रैल 1917 को पहली बार मोहनदास करमचंद गांधी बिहार की राजधानी पटना पहुंचे थे और मुजफ्फरपुर होते हुए 15 अप्रैल को चम्पारण आए थे. मकसद था निलही कोठियों, सामंतों और...

सलमान की कुंठा, नेमाडे पर निशाना

सलमान की कुंठा, नेमाडे पर निशाना

सलमान रश्दी, विश्व प्रसिद्ध लेखक. अपने लेखन, व्यक्त्वि और बयानों से विवादों में बने रहने वाले. ये वही सलमान रश्दी हैं, जिनकी किताब सैटेनिक वर्सेस के खिलाफ 14 फरवरी, 1989 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खोमैनी ने मौत का...

लंदन में गांधी जी की प्रतिमा

गांधी जी की यह प्रतिमा उनकी 1931 वाली उस तस्वीर के आधार पर बनाई जा रही है, जिसमें वह 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर खड़े हैं. तस्वीर में गांधी जी एक मोटी शॉल ओढ़े हुए हैं और धोती घुटनों तक...

मंगल मिशन की कामयाबी

मंगल मिशन की कामयाबी

हमने यूजीसी को ब्रिटिश ढांचे से उठाया है, लेकिन स़िर्फ शब्दों में, आत्मा से नहीं. यूनिवर्सिटी को इस बात की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वे शिक्षकों को रख सकें और अपने हिसाब से शोध करा सकें. यह गुणवत्ता को बढ़ाता...

आत्मकथा से उठता विवाद का धुआं

आत्मकथा से उठता विवाद का धुआं

गांधी-नेहरू परिवार के दशकों से क़रीबी रहे पूर्व विदेश मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस नेता नटवर सिंह की किताब-वन लाइफ इज नॉट एनफ को लेकर खासा विवाद हो गया है. दरअसल, नटवर सिंह ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि...

प्रकाशकों से भी अच्छे दिन की उम्मीद

प्रकाशकों से भी अच्छे दिन की उम्मीद

अभी कुछ दिनों पहले मन में यह बात आई कि वेदों को पढ़कर देखा जाए कि उसे संदर्भित करके जो बातें कही जाती हैं, उनमें कितनी सच्चाई है. इसके अलावा यह जानने की इच्छा भी प्रबल थी कि वेद में...

गांधी की विरासत नहीं बदल सकी अमेठी की किस्मत

गांधी की विरासत नहीं बदल सकी अमेठी की किस्मत

अमेठी संसदीय क्षेत्र से नेहरू-गांधी परिवार का रिश्ता बहुत पुराना है. अमेठी में इस परिवार का आगमन 1975 में हुआ था. तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी ने अमेठी के अतिपिछड़े गांव खेरौना में काम करना...

केजरीवाल को गांधीवादियों का कोई समर्थन नहीं

केजरीवाल को गांधीवादियों का कोई समर्थन नहीं

जनता को सब्ज़बाग़ दिखाने में माहिर आम आदमी पार्टी अब गांधीवादियों को भी बरगलाने लगी है. हाथ में तिरंगा, सिर पर गांधी टोपी और मुंह से राजनीतिक शुचिता की बात करने वाले पार्टी नेताओं के दर्शन, आचरण और सिद्धांत में...

व़क्त की नज़ाक़त को समझे केंद्र सरकार

नेल्सन मंडेला अब हमारे बीच नहीं रहे. महात्मा गांधी के बाद वह एक मात्र व्यक्ति थे, जो मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के जीते-जागते अवतार थे. वे तक़रीबन 26-27 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीका के रॉबेन आइलैंड में कैदी के तौर पर...

मंगल अभियान और आधुनिक भारत

कांग्रेस एक हथियार था जिसका इस्तेमाल महात्मा गांधी ने जनता के संघर्ष के लिए किया. लेकिन इसका इस्तेमाल उन्होंने अपने तानाशाही नियमों के तहत किया. कांग्रेसियों ने हमेशा गांधी का पालन किया लेकिन उनके नियमों का नहीं. कांग्रेसियों ने गांधी...

इतिहास कभी मा़फ नहीं करता

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंद्रह अगस्त को लाल क़िले से देश को संबोधित किया. संबोधन से पहले लोग आशा कर रहे थे कि वह उन सारे सवालों का जवाब देंगे, जो देश के सामने हैं या जिन्हें उनके सामने उठाया...

गांधी परिवार का प्रभाव घट रहा है

गांधी परिवार का प्रभाव घट रहा है

यह कहना कि यूपीए सरकार अपनी दिशा खो रही है, कमबयानी होगा. लेकिन यही कमबयानी राजनीतिक और राष्ट्रीय स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण सवालों को रेखांकित भी करती है. क्या हम भारतीय राजनीति में नेहरू-गांधी परिवार के प्रभाव के खत्म होने...

कांग्रेस और भाजपा में कोई फर्क नहीं

कांग्रेस और भाजपा में कोई फर्क नहीं

मुझे लगता है कि यह सरकार एक मृतप्राय सरकार है. कोई लोगों ने सरकार से गुज़ारिश की कि गांधी जी की यादों से जुड़ी वस्तुओं की नीलामी रोकी जाए, लेकिन यह सरकार जब अपने रोजमर्रा के ही काम नहीं कर...

बोफोर्स का पूरा सच

बोफोर्स का पूरा सच

बोफोर्स का जिन्न एक बार फिर बाहर आया है, लेकिन स़िर्फ धुएं के रूप में. चौथी दुनिया ने बोफोर्स कांड की एक-एक परत को खुलते हुए क़रीब से देखा है और हर एक परत का विश्लेषण पाठकों के समक्ष रखा...

भ्रष्टाचार का चस्का और आम आदमी

सही मायनों में अपनी आवाज़ को सीधे संवाद के ज़रिये जन-जन तक पहुंचाने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम आज भी नाटक को ही माना जाता है. नाटक मंचन और इसी की एक विधा नुक्कड़ नाटकों के ज़रिये न स़िर्फ दर्शकों से सीधा...

जन संवाद यात्रा : अब गांधी और मार्क्स नहीं, ज़मीन चाहिए

जन संवाद यात्रा : अब गांधी और मार्क्स नहीं, ज़मीन चाहिए

इस व़क्त देश में यात्राओं का दौर चल रहा है. मुद्दे तमाम हैं, भ्रष्टाचार से लेकर राजनीति तक, लेकिन इसमें समाज का वह अंतिम व्यक्ति कहां है जिसके उत्थान के लिए गांधी जी ने इस देश को एक ताबीज दिया...

गांधी-नेहरू ज़िंदाबाद

गांधी-नेहरू ज़िंदाबाद

दो अक्टूबर को गांधी जयंती मनाई जाती है. यह दिन पाखंड, अतिशयोक्ति और बड़बोलेपन का होता है. इस दिन बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं. राष्ट्रपिता को हम लोग दो दिन ही याद रखते हैं, एक उनके जन्मदिवस पर और दूसरे...

वक्त की नज़ाकत को समझने की ज़रूरत

2 अक्टूबर बीत गया. पहली बार देश में 2 अक्टूबर सरकारी फाइलों और सरकारी समारोहों से बाहर निकल करके लोगों के बीच में रहा. लोगों ने गांधी टोपी लगाकर महात्मा गांधी को याद किया. न केवल महात्मा गांधी को याद...

इतिहास के आईने में

इतिहास के आईने में

जब भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी दी गई तो महात्मा गांधी ने कहा था, भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी दे दी गई और वे शहीद हो गए. उनकी मौत कई लोगों के लिए व्यक्तिगत क्षति है.

राहुल जी, गांव में आपने क्या सीखा

बापू जब मोहनदास करमचंद गांधी थे, नौजवान वकील थे और दक्षिण अफ्रीका में वकालत करने गए तो उनके साथ एक हादसा हुआ. गोरों ने उन्हें प्रथम श्रेणी में बैठने के लायक़ नहीं समझा और ज़बरदस्ती गाड़ी से धक्का देकर बाहर...

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

यह धर्म निरपेक्षता नहीं है

भारतीय इतिहास में तुर्की की एक अहम भूमिका रही है. भारत के विभाजन के केंद्र में भी इसका नाम रहा और इसके बाद भारत द्वारा धर्मनिरपेक्षवाद अपनाए जाने के पीछे भी वजह तुर्की ही था. प्रथम विश्व युद्ध के व़क्त...

गांधी, हजारे और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग

गांधी, हजारे और भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग

अन्ना हजारे दूसरे गांधी के रूप में उभर रहे हैं. हर अख़बार उनके स्तुतिगान से लबरेज है. लोकपाल बिल का मसौदा तैयार करने वाली समिति में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को शामिल करने की अन्ना की मांग यूपीए सरकार ने...

दून कोबाड गांधी भी पैदा करता है

दून कोबाड गांधी भी पैदा करता है

दून स्कूल का शीर्ष प्रबंधन इस बात को लेकर चिंता में है कि स्कूल के बच्चों के शिक्षण में कौन सी वर्गीय-खोट है जो कोबाड गांधी को पैदा करती है. दून स्कूल के उच्च वर्गीय चरित्र पर कोबाड गांधी एक...

सुदर्शन का साइड इफेक्‍ट

सुदर्शन का साइड इफेक्‍ट

विदेशी मूल से लेकर पति-सास की हत्या में संलिप्तता के आरोपों से घिरा सोनिया गांधी का कथित लांछनीय सियासी सफर हर दृष्टिकोण से सफल रहा है. यद्यपि उनके विरोधियों ने उक्त आरोपों के सहारे उनके सियासी क़दम को रोकने की...

सेंसर बोर्ड, फिल्‍में और राजनीति-3: मापदंड बदलने की जरूरत

सेंसर बोर्ड, फिल्‍में और राजनीति-3: मापदंड बदलने की जरूरत

गांधी जी ने एक बार सेंसरशिप को अपने अंदाज़ में परिभाषित करते हुए कहा था, इफ यू डोंट लाइक समथिंग, क्लोज़ योर आइज़. साउथ फिल्मों का सेंसर बोर्ड इस फलसफे के दोनों पहलुओं का इस्तेमाल करता है.

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