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संवैधानिक संस्थाएं जन भावना से संचालित नहीं होती हैं

संवैधानिक संस्थाएं जन भावना से संचालित नहीं होती हैं

ये सारी चीजें हम जैसों को सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, दीनदयाल उपाध्याय जैसे लोकतंत्र का सम्मान करने वाले राष्ट्रभक्त लोगों की विचारधारा का क्या अब हमारे समाज में कोई...

मानवीय मूल्यों का त्याग ठीक नहीं

मानवीय मूल्यों का त्याग ठीक नहीं

देश के हर हिस्से का विकास होना चाहिए. प्रधानमंत्री खुद पूर्वोत्तर के विकास की बात कर रहे हैं. कश्मीर की तरह पूर्वोत्तर भी वंचित क्षेत्र रहा है. पूर्वोत्तर में क्या होता है, इससे दिल्ली या मुंबई के लोगों का कोई...

क़ानून के पैरोकारों ने एक-दूसरे के खिला़फ कसी कमर

क़ानून के पैरोकारों ने एक-दूसरे के खिला़फ कसी कमर

जिला कचहरी में एक वकील व एक दारोगा की नासमझी ने पुलिस महकमे और वकील बिरादरी को प्रतिष्ठा की लड़ाई में इस कदर उलझा दिया है कि राज्य के कई ज़िले इसकी चपेट में आ गए. आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की...

हत्या के आरोपी पीएसी जवान बरी : फैसले के बाद मातम मना रहा है हाशिमपुरा

हत्या के आरोपी पीएसी जवान बरी : फैसले के बाद मातम मना रहा है हाशिमपुरा

हाशिमपुरा दंगा मामले में 28 वर्षों की लंबी अदालती कार्यवाही के बाद फैसला आ चुका है. यह फैसला दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट ने 21 मार्च को सुनाया. फैसले में अदालत ने पीएसी के उन सभी 16 आरोपियों को बरी...

इंसाफ की जंग जारी रहेगी

इंसाफ की जंग जारी रहेगी

22 मार्च, 2015 को हाशिमपुरा मामले का दिल्ली की तीस हजारी (विशेष अदालत) ने फैसला सुनाते हुए सभी अभियुक्तों को संदेह का फायदा (बेनिफिट ऑफ डाउट) देते हुए बरी कर दिया. इसके बाद 24 मार्च, 2015 को दिल्ली के लोधी...

अदालती फैसला दुर्भाग्यपूर्ण, अप्रत्याशित नहीं

अदालती फैसला दुर्भाग्यपूर्ण, अप्रत्याशित नहीं

हाशिमपुरा हत्याकांड के मामले में अदालती फैसला दुर्भाग्यपूर्ण जरूर है, पर अप्रत्याशित बिल्कुल नहीं. यदि आप ध्यानपूर्वक उत्तर प्रदेश सी.आई.डी. की केस डायरियां पढ़ें, तो आप मेरी बातों से सहमत होंगे कि जो मामला पी.ए.सी. कर्मियों के खिलाफ बनाया गया...

हाशिमपुरा प्रकरण और मुस्लिम संगठनों की बेरुखी

हाशिमपुरा प्रकरण और मुस्लिम संगठनों की बेरुखी

चौथी दुनिया आम जनता में सच्चाई सामने लाने के लिए कितना प्रसिद्ध है, इसका अंदाज़ा इस बात से होता है कि जब यह पत्रकार हाशिमपुरा पर इस स्टोरी के संबंध में समाज के विभिन्न लोगों से मिल रहा था. कई...

हाशिमपुराः उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक काला अध्याय

हाशिमपुराः उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक काला अध्याय

जीवन के कुछ अनुभव ऐसे होते हैं, जो ज़िंदगी भर आपका पीछा नहीं छोड़ते. एक दु:स्वप्न की तरह वे हमेशा आपके साथ चलते हैं और कई बार तो क़र्ज़ की तरह आपके सिर पर सवार रहते हैं. हाशिमपुरा भी मेरे...

दंगों के इतिहास में हाशिमपुरा-मलियाना

दंगों के इतिहास में हाशिमपुरा-मलियाना

भारतीय राजनीति में भ्रष्ट और पाक-साफ़ में फर्क़ नहीं है. भारत के नेताओं में मूढ़ और दूरदर्शी का फर्क़ नहीं है. भारत की सरकारों में सुशासक और कुशासक का भी फर्क़ नहीं है. फर्क़ स़िर्फ एक है और यही फर्क़...

ज़ख्म आज भी ताज़ा हैं

ज़ख्म आज भी ताज़ा हैं

वक्त बदला, हालात बदले, लेकिन नहीं बदली तो, ज़िंदगी की दुश्वारियां नहीं बदलीं. आंसुओं का सैलाब नहीं थमा, अपनों के घर लौटने के इंतज़ार में पथराई आंखों की पलकें नहीं झपकीं, अपनों से बिछ़डने की तकली़फ से बेहाल दिल को...

दिल्ली का बाबूः चतुराई भरी चाल

दिल्ली का बाबूः चतुराई भरी चाल

वित्त मंत्रालय में विशेष सचिव जी सी चतुर्वेदी का नाम सरकार ने नए पेट्रोलियम सचिव के रूप में प्रस्तावित क्या किया, इस पर कई लोगों की भौंहे तन गईं. पीएमओ में कुछ रुकावट के बाद अंतत: चतुर्वेदी की फाइल पर...

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