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Tag: Santosh Bhartiya

देश के पत्रकारों को आत्ममंथन करने की जरुरत है- संतोष भारतीय

देश के पत्रकारों को आत्ममंथन करने की जरुरत है- संतोष भारतीय

पत्रकारों के आत्म शोधन का समय आ गया है. वैसे तो आत्म शोधन आत्म परीक्षण और अपने ज्ञान का परीक्षण पत्रकारों को हमेशा करना चाहिए लेकिन जब महान ज्ञान सिद्धांत का रूप लेने लगे तब वह महान खतरनाक क्षेत्र में...

काशी पत्रकार संघ ने PM मोदी को लिखी चिठ्ठी, पराडकर स्मृति भवन को जमींदोज ना करने की मांग 

काशी पत्रकार संघ ने PM मोदी को लिखी चिठ्ठी, पराडकर स्मृति भवन को जमींदोज ना करने की मांग 

काशी के पत्रकारों के लिए यह घड़ी किसी संकट से कम नहीं है, क्योंकि काशी में स्थित पराड़कर स्मृति भवन सरकारी योजनाओं के चलते जमींदोज होने वाला है. जिसके खिलाफ काशी पत्रकार संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी...

पत्रकारों के साथ सुषमा अपने बेहतर रिश्तों के कारण हमेशा रहेंगी याद: संतोष भारतीय

पत्रकारों के साथ सुषमा अपने बेहतर रिश्तों के कारण हमेशा रहेंगी याद: संतोष भारतीय

सुषमा स्वराज जी के निधन और उनके अंतिम संस्कार से पहले मैं यह पंक्तियां लिख रहा हूं.. वैसे तो कभी कोई राजनेता पत्रकारों से दूरी नहीं बनाता पर उनसे मन के संबंध भी नहीं बनाता.. भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ...

वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय बोले, पत्रकारिता पर भी लागू होता है युद्ध का ये नियम

वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय बोले, पत्रकारिता पर भी लागू होता है युद्ध का ये नियम

आजकल हिंदी पत्रकारिता में संपादक शब्द का अर्थ बदल गया है। अब संपादक होने के लिए सबसे बड़ी योग्यता स्वयं अखबार या पत्रिका का मालिक होना हो गया है। कुछ ही अखबारों में या पत्रिकाओं में संपादक नाम का प्राणी...

‘उदयन शर्मा ने कुछ यूं बदल दिया था फील्ड रिपोर्टिंग का चेहरा और अंदाज’

‘उदयन शर्मा ने कुछ यूं बदल दिया था फील्ड रिपोर्टिंग का चेहरा और अंदाज’

उदयन शर्मा को इस संसार को छोड़े हुए 18 वर्ष बीत गए। इस महीने की 11 तारीख को उनकी पुण्यतिथि थी। उदयन शर्मा का नाम पत्रकारिता के विद्यार्थी जानते हैं या नहीं, मैं नहीं जानता, लेकिन उन्हें जानना चाहिए, ऐसा...

दौर-ए-दास्तान: कैसे बड़े अखबार ने किया था ‘आपातकाल’ का समर्थन

दौर-ए-दास्तान: कैसे बड़े अखबार ने किया था ‘आपातकाल’ का समर्थन

‘दिनमान’ हिंदी पत्रकारिता के इतिहास का पहला अध्याय है, जिसने एक पूरी पीढ़ी को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विषयों के साथ विज्ञान, समाजशास्त्र, साहित्य तथा संस्कृति से परिचित कराया। ‘दिनमान’ ने शब्दों की शुद्धता और उनके सही उपयोग का ज्ञान भी पहली बार...

पत्रकारों की दुनिया में ये 3 शब्द बहुत मायने रखते हैं, पर अब इनका मतलब ही खत्म हो गया

पत्रकारों की दुनिया में ये 3 शब्द बहुत मायने रखते हैं, पर अब इनका मतलब ही खत्म हो गया

पत्रकारिता की परिभाषाएं और उदाहरण अब बिल्कुल बदल गए हैं। बहुत सारे पत्रकार अब अपने को नए माहौल में ढाल नहीं पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने जो सीखा, वह आज बेकार हो गया है। अपनी पूरी जिंदगी उनके सामने सिद्धांतों...

हमीं सो गए दास्तां कहते कहते… अलविदा, कादर खान!

हमीं सो गए दास्तां कहते कहते… अलविदा, कादर खान!

2019 का पहला सूरज अभी निकलने की तैयारी ही कर रहा था. पूरी दुनिया में नये साल के जश्न मनाया जा रहा था. तभी अचानक एक मनहूस खबर सोशल मीडिया पर गर्दिश करने लगी. खबर यह थी कि हिंदी फिल्म...

ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना मुस्कुरा कर करना चाहिए

ज़िंदगी की चुनौतियों का सामना मुस्कुरा कर करना चाहिए

कल्पेश याग्निक एक ऐसे पत्रकार थे, जो स्वयं में एक संस्था थे. कल्पेश याग्निक ने विश्वविद्यालय की खबरों से जिंदगी शुरू की और भास्कर जैसे हिंदी के प्रसिद्ध अखबार के ग्रुप एडिटर बने. कल्पेश याग्निक की आत्महत्या ने मनोवैज्ञानिक सवाल...

अर्बन नक्सल जैसे शब्द सत्ता के दिमागी दिवालिएपन की उपज हैं

अर्बन नक्सल जैसे शब्द सत्ता के दिमागी दिवालिएपन की उपज हैं

नए-नए शब्द हमारे सामने आते रहते हैं. अब एक नया शब्द आया है, अर्बन नक्सलिज्म. इस शब्द को गढ़ने वाली एक महिला हैं, जो स्वयं हिंदू कोर्ट की स्वयंभू जज बनी हुई हैं. अभी तक किसी ने भी यह सवाल...

कुलदीप नैयर हमारे ज़माने के कबीर थे

कुलदीप नैयर हमारे ज़माने के कबीर थे

श्री कुलदीप नैयर इस दुनिया को अलविदा कह गए. बहुत सारे लोगों ने कुलदीप नैयर को याद किया और उन्हें भरी आंखों से विदा किया. कुलदीप नैयर का जाना इतिहास के एक ऐसे अध्याय का बंद होना है, जो अध्याय...

तब झुकने को कहा था, आज रेंगने को कहा जा रहा है

तब झुकने को कहा था, आज रेंगने को कहा जा रहा है

इन दिनों उन पत्रकारों पर शनि की साढ़े साती चल रही है, जो थोड़ा स्वतंत्र रूप से सोचते हैं. जो संस्थान पत्रकारिता से जुड़े हैं, चाहे वो अखबार निकाल रहे हों या न्यूज चैनल चला रहे हों, उनका पत्रकारिता के...

भैय्यू जी महाराज एक महान संत, एक महान समाजसेवी थे

भैय्यू जी महाराज एक महान संत, एक महान समाजसेवी थे

भैय्यू जी महाराज की आत्महत्या इस देश के उन लोगों की कहानी है, जो बड़े लोग होते हैं लेकिन अपने आसपास के लोगों को नहीं पहचानते हैं. एक बार मैं आपसे कोगी का जिक्र कर चुका हूं. कोगी एक ऐसा...

Santosh Bhartiya Remembers Late Shri VP Singh on the eve of his Birthday

Santosh Bhartiya Remembers Late Shri VP Singh on the eve of his Birthday

बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में, वरिष्ठ पत्रकार और चौथी दुनिया के प्रधान संपादक श्री संतोष भारतीय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री वी पी सिंह को उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर याद किया. श्री भारतीय ने कहा, “समाज में...

कश्मीर मिलिटेंट्स का फरमान : हर घर से एक नौजवान

कश्मीर मिलिटेंट्स का फरमान : हर घर से एक नौजवान

साउथ कश्मीर, कश्मीर का सबसे चर्चित इलाक़ा है. साउथ कश्मीर को मिलिटेंट्‌स के सघन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. यहीं पर सेना की गतिविधियां ज्यादा चल रही हैं. सेना का ऑल-आउट ऑपरेशन भी इसी क्षेत्र में हो रहा...

जब मैं बुरहान के घर पहुंचा…

जब मैं बुरहान के घर पहुंचा…

कुछ दिन पहले मैं एक डिग्री कॉलेज के आमंत्रण पर कश्मीर गया था. वहां टीवी चैनल के पत्रकारों ने मुझे त्राल जाने की सलाह दी थी. त्राल साउथ कश्मीर का वो मशहूर नाम है, जो शोपियां के बाद सबसे ज्यादा...

क्या भारत एक असुरक्षित राष्ट्र बनना चाहता है!

क्या भारत एक असुरक्षित राष्ट्र बनना चाहता है!

असम सहित उत्तर पूर्व के सातों राज्य इस समय एक बड़े आंदोलन के दरवाजे पर खड़े हैं. स्वयं असम के मुख्यमंत्री सोनोवाल भी आंदोलनकारियों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. आंदोलन केंद्र सरकार के एक फैसले को लेकर हो...

जनता के सवालों पर बहस की उम्मीद करना बेमानी है

जनता के सवालों पर बहस की उम्मीद करना बेमानी है

कर्नाटक चुनाव बीत गया. कर्नाटक का कोई भी असल मुद्दा किसी भी भाषण में न भारतीय जनता पार्टी ने उठाया और न कांग्रेस ने उठाया. एक कहानी खत्म हुई और यहीं से दूसरी कहानी शुरू होती है. दूसरी कहानी है...

सपा के सामने सवाल

सपा के सामने सवाल

उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होने वाला है. इस परिवर्तन के तीन हिस्से हैं. हम पहले हिस्से से बात शुरू करते हैं. यह पहला हिस्सा समाजवादी पार्टी से जुड़ा है, जहां पिछले छह-आठ महीनों से उथल-पुथल का एक...

मीडिया ने अपनी पत्रकारीय ज़िम्मेदारी खो दी है

मीडिया ने अपनी पत्रकारीय ज़िम्मेदारी खो दी है

श्रीदेवी का पार्थिव शरीर मुंबई में अंतिम दर्शन के लिए उनके घर के पास एक स्पोट्‌र्स क्लब में रखा गया था. राजनेता और फिल्मों के लगभग सभी बड़े स्टार्स उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे. जनता भी उनके अंतिम दर्शन के...

सरकार और न्यूज 24 की ग़लती : मोदी सरकार का ख़तरनाक नसबंदी अभियान-2

सरकार और न्यूज 24 की ग़लती : मोदी सरकार का ख़तरनाक नसबंदी अभियान-2

गर्भधारण रोकने के लिए महिलाओं को ‘डिपो मेडरॉक्सी प्रोजेस्टेरोन एसिटेट’ (डीएमपीए) दवा इंजेक्ट की जा रही है. दुनिया के कई देशों में खतरनाक यौन अपराधियों की यौन ग्रंथी नष्ट करने के लिए उन्हें सजा के बतौर डीएमपीए दवा का इंजेक्शन...

भाजपा और कांग्रेस के लिए गुजरात चुनाव के सबक़

भाजपा और कांग्रेस के लिए गुजरात चुनाव के सबक़

गुजरात के चुनाव परिणामों ने सभी को सीख दी. भारतीय जनता पार्टी खुश है कि उसकी सरकार बन गई और कांग्रेस को सिर्फ 80 सीटें आईं. कांग्रेस खुश है कि उसके पास 47 विधायक थे, अब 80 आ गए हैं....

हार्दिक की अनुभवहीनता, कांग्रेस का अतिआत्मविश्वास और भाजपा की चिंता

हार्दिक की अनुभवहीनता, कांग्रेस का अतिआत्मविश्वास और भाजपा की चिंता

गुजरात में चुनाव अभियान जोरों पर है. यहां घटनाक्रम रोज तेजी से बदल रहे हैं. भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे को टक्कर देने के लिए कमर कसे हुए हैं. हार्दिक पटेल इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण नाम के तौर पर...

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